नई दिल्ली
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर एक लीडरशिप समिट में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने चीन और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया। जयशंकर ने कहा कि चीन के साथ भारत के संबंध तब तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक सीमावर्ती इलाकों में शांति नहीं होगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत पाकिस्तान के साथ अच्छा संबंध चाहता है, लेकिन एक अच्छा पड़ोसी कभी भी आतंक नहीं मचाता है।
चीन के मुद्दे पर जयशंकर ने कहा कि जब तक समझौतों का पालन नहीं होता है और यथास्थिति को बदलने के लिए एकतरफा प्रयास नहीं किया जाता, तब तक संबंध सामान्य नहीं हो सकते हैं। गलवान घाटी की झड़पों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2020 में जो हुआ वो एक पक्ष (चीन) द्वारा किया गया प्रयास था। दोनों देशों के बीच बातचीत प्रक्रिया पर उन्होंने कहा कि क्या हमने तब से प्रगति की है? हां कुछ मामलों में। पहले कई जगहों पर विवाद था और ज्यादा सैनिकों की तैनाती थी। उनमें से कुछ मुद्दों को ध्यान में रखते हुए काम किया गया है।
विदेश मंत्री के मुताबिक कुछ मुद्दों पर अभी भी काम करने की जरूरत है। चीन को एक ना एक दिन अहसास होगा कि वर्तमान में उसकी स्थिति उसके हित में नहीं है। भारत ने चीन को जो मैसेज दिए हैं, उसमें कोई अस्पष्टता नहीं है। वहीं पाकिस्तान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत सरकार का मत जनता की अपेक्षाओं से अलग नहीं है। मुझे लगता है कि देश की जनता पाक के साथ अच्छा संबंध चाहती है, लेकिन पाकिस्तान को ये समझना चाहिए कि अच्छा पड़ोसी कभी भी आतंक नहीं फैलाता है।
रूस-यूक्रेन पर कही ये बात
एस. जयशंकर ने अपने संबोधन में रूस-यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब ये युद्ध शुरू हुआ था, तो पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से अपील की थी कि वो युद्ध छोड़ दें। आज का युग युद्ध का नहीं है। दोनों देशों को बातचीत के जरिए इस मुद्दे को हल करना चाहिए।
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