नई दिल्ली
कप्तान बाबर आजम की निगाहें रविवार को टी20 विश्व कप फाइनल में फॉर्म में चल रही इंग्लैंड के खिलाफ अपनी टीम को जीत दिलाकर पाकिस्तान क्रिकेट के 'हॉल ऑफ फेम' में महान क्रिकेटर इमरान खान के साथ शामिल होने पर लगी होंगी। हालांकि 2009 की चैम्पियन का फाइनल तक का सफर किसी रोमांचक 'स्क्रिप्ट' से कम नहीं रहा, जिसमें वह टूर्नामेंट के पहले हफ्ते में बाहर होने के करीब पहुंच गए थे, इसमें चिर प्रतिद्वंद्वी भारत और जिम्बाब्वे से मिली मनोबल गिराने वाली हार का अहम योगदान रहा। पर टूर्नामेंट के दूसरे हफ्ते में पाकिस्तान ने नाटकीय वापसी की और दक्षिण अफ्रीका पर जीत से उम्मीदें बढ़ा दीं। पाकिस्तानी प्रशंसकों की दुआओं ने असर दिखाआ जिससे फिर 1992 जैसा चमत्कार हुआ और नीदरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को हराकर उलटफेर करते हुए बाहर दिया जिससे पाकिस्तानी टीम सेमीफाइनल में पहुंचने की दौड़ में शामिल हो गई
1992 जैसा करिश्मा दोहराने चाहेगी पाक टीम
क्रिकेट में आलोचक कहते हैं कि आप खेल में कुछ नहीं कह सकते। पाकिस्तान ने सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ बेहतरीन खेल दिखाया और साबित किया कि जब मुकाबला दबाव भरा हो तो वह किसी से कम नहीं ठहरती। अब प्रशंसकों की उम्मीदें बाबर की टीम से 1992 जैसा करिश्मा दोहराने पर लगी हैं।
पाक को इंग्लैंड से बचकर रहना होगा
लेकिन इंग्लैंड की टीम का भी इसी ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर इतिहास जुड़ा हुआ है। सात साल पहले यहीं पर इंग्लैंड का सफेद गेंद क्रिकेट में सपना तार-तार हुआ था जब बांग्लादेश ने उन्हें ग्रुप चरण में टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था।
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