गुजरात में कितना कारगर है केजरीवाल का ‘OTP’ दांव, ओपिनियन पोल ने बताया

राजनीती

नई दिल्ली

गुजरात में इस बार भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी ने भी पूरी ताकत झोंकी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और 'आप' संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के लिए पिछले 5-6 महीनों में कड़ी मेहनत की है। पत्रकार से नेता बने इसुदान गढ़वी को मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार घोषित करते हुए वह राज्य के हर कोने में 'झाड़ू' चलाने की कोशिश कर रहे हैं। मुफ्त बिजली, अच्छे स्कूल, अस्पताल, बेरोजगारी भत्ते और महिलाओं को नकदी जैसे वादों के जरिए 'आप' ने राज्य में हलचल जरूर पैदा कर दी है। पार्टी ने जातिगत समीकरण का भी पूरा ध्यान रखा है और ओबीसी, ट्राईबल और पाटीदार समुदाय को अपने पाले में लाने की कोशिश की है, जिसे 'OTP' दांव भी कहा जा रहा है।

दरअसल, ओटीपी कहे जाने वाले ओबीसी, आदिवासी और पाटीदार समाज की गुजरात में बड़ी आबादी और तीनों यदि एक साथ किसी दल के साथ हो जाएं तो जीत की राह आसान कर सकते हैं। इंडिया टीवी ने सर्वे एजेंसी मेटराइज के साथ मिलकर शनिवार को ओपिनियन पोल पेश किया है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि गुजरात में किस समुदाय के कितने लोग किस पार्टी का साथ दे सकते हैं। सर्वे ने ओबीसी, ट्राईबल और पाटीदार समुदाय का मूड भांपने की कोशिश की है। ओपिनियन पोल के मुताबिक, सौराष्ट्र में अहम भूमिका निभाने वाले पिछड़ा वर्ग के वोटर्स से जब उनकी राय ली गई है तो 52 फीसदी ने भाजपा को वोट देने की बात कही। 40 फीसदी पिछड़ा वोटर्स कांग्रेस की सरकार चाहते हैं तो 5 फीसदी ने आम आदमी पार्टी को अपनी पसंद बताया। 3 फीसदी पिछड़ा वोटर्स अन्य का साथ दे सकते हैं।

किसके साथ आदिवासी?
इसी साल आदिवासी समाज की महिला को राष्ट्रपति बनाने वाली भाजपा को रिटर्न गिफ्ट मिल सकता है। ओपिनियन पोल के मुताबिक, भाजपा को 49 फीसदी आदिवासी वोट मिल सकते हैं। कांग्रेस को 41 फीसदी आदिवासी वोटर्स का साथ मिलने का अनुमान है। हालांकि, आदिवासी समाज से कई वादे करने वाली आम आदमी पार्टी को समाज के महज 3 फीसदी लोगों से वोट मिलने की भविष्यवाणी की गई है। अन्य के खाते में 7 फीसदी आदिवासी वोट जा सकते हैं।

पाटीदार समुदाय की पसंद कौन
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को पाटीदार समाज की नाराजगी का सामना करना पड़ा था तो कांग्रेस को अधिकतर पटेलों ने समर्थन दिया। पटादीरों में लेउवा पटेल और कडवा पटेल दो वर्ग हैं। सर्वे के मुताबिक, इस बार भाजपा को 53 फीसदी लेउवा पटेल वोट दे सकते हैं। कांग्रेस को 36 फीसदी और आप को 5 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। अन्य को 6 फीसदी लेउवा पटेल वोट दे सकते हैं। कडवा पटेल की बात करें तो भाजपा को 59 फीसदी, कांग्रेस को 33 फीसदी 'आप' को 4 फीसदी और अन्य को 4 फीसदी कडवा पटेल वोट दे सकते हैं।

दलित किसके साथ
ओपिनियन पोल का अनुमान है कि गुजरात में 47 फीसदी दलित वोटर्स भाजपा का साथ दे सकते हैं। कांग्रेस को 42 फीसदी दलित वोट दे सकते हैं। आम आदमी पार्टी को 9 फीसदी दलितों ने अपनी पसंद बताया है। 2 फीसदी दलित अन्य के लिए वोट कर सकते हैं।

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