प्रदेश में धान खरीदी शुरू होने से पहले ,यूपी का धान पहुंचा एमपी के कई जिलों में

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे प्रदेश के उन जिलों में यूपी का धान कलेक्टरों के प्रतिबंध के पहले पहुंच गया है जहां 28 नवम्बर से धान खरीदी की जानी है। उधर रीवा, सतना समेत कई कलेक्टरों ने इन हालातों को देखते हुए उड़नदस्ता टीमें बनाने, चेक पोस्ट पर जांच करने के निर्देश जारी किए हैं।
प्रदेश के जो जिले यूपी की सीमा से लगे हैं उनमें रीवा, सतना, छतरपुर, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, दतिया, भिंड शामिल हैं। इनमें से जिन जिलों में धान की खेती अधिक होती है वहां यूपी के समीपी जिलों के सक्रिय व्यापारी अपनी धान पहुंचाकर एमपी में समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों पर बिकवाते हैं क्योंकि यहां उन्हें यूपी से अधिक कीमत मिल जाती है। हर साल एमपी के इन जिलों के लिए यह परेशानी का सबब भी बनता है। इसे देखते हुए सीमावर्ती जिलों के कलेक्टरों ने प्रतिबंध भी लगाए हैं लेकिन सूत्रों का कहना है कि इनमें से अधिकांश जिलों में ग्रामीण इलाकों में यूपी का धान प्रतिबंध लगने के पहले ही अपलोड किया जा चुका है। अब 28 नवम्बर के बाद इसे खरीदी केंद्रों पर ले जाकर बेचने की तैयारी है।

प्रयागराज से आने वाले वाहनों की चेकिंग
रीवा कलेक्टर ने खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में समर्थन मूल्य पर 16 जनवरी तक धान का उपार्जन किए जाने के शासन के निर्देश के चलते उत्तरप्रदेश की धान एवं मोटा अनाज के आवक और निकासी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है। इसको लेकर जारी निर्देश में कहा गया है कि बीते सालों में उपार्जन अवधि के दौरान उत्तरप्रदेश से रीवा जिले के उपार्जन केन्द्रों में धान के अवैध विक्रय के प्रकरण आए हैं और धान एवं वाहन जब्तीी की कार्यवाही हुई है। इस वर्ष भी इस तरह की स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए जिले से बाहर की धान एवं मोटा अनाज के आवक एवं निकासी पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने आदेश दिया है कि सीमावर्ती नाकों पर पुलिस, राजस्व, मण्डी, सहकारिता एवं वेयर हाउस विभाग के अधिकारी तथा उड़नदस्ता दल विशेष निगरानी रखना तय करें ताकि उत्तरप्रदेश से जिलों में आने वाली धान के अवैध परिवहन पर रोक लगाई जा सके।

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