भोपाल
मध्यप्रदेश में कॉलेज छात्रों के लिए बड़ी खबर है। आधार पाठ्यक्रम में 20 क्रेडिट स्कोर करने पर फाउंडेशन कोर्स में फेल होने पर भी अब सप्लीमेंट्री मानी जाएगी। बड़ी संख्या में छात्रों के नुकसान को देखते हुए बीयू समेत कई यूनिवर्सिटी ने इसमें बदलाव की मांग की थी। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि कुल 40 क्रेडिट स्कोर में से 50% यानी 20 स्कोर होने के बाद फेल विषय को सप्लीमेंट्री माना जाएगा। इससे 12 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स को फायदा होगा। फर्स्ट ईयर में इस साल करीब साढ़े 5 लाख स्टूडेंट्स हैं। यह प्रणाली जल्द ही देश भर में लागू हो जाएगी।
इसलिए लेना पड़ा निर्णय
नई शिक्षा नीति में क्रेडिट स्कोर के आधार पर छात्रों को स्कोर करना होता है। पहले पासिंग मार्क्स 33 नंबर होता था। इसमें ग्रेस मार्क 3 होते थे। इसके बाद पासिंग मार्क 35 कर दिए, लेकिन ग्रेस मार्क्स 3 ही रखा। यूजी में कुल 8 सब्जेक्ट होते हैं। इसमें से एक फील्ड प्रोजेक्ट होता है। इसमें थ्योरी नहीं होती है। सभी पेपर के मिलकर कुल 40 क्रेडिट स्कोर होता है। सभी विषय के क्रेडिट स्कोर अलग-अलग होते हैं।
अभी तक सभी विषय में पास होना अनिवार्य था। इसके कारण अधिकांश छात्र 2 से ज्यादा विषय में फेल हो गए। इससे बड़ी संख्या में छात्रों का ईयर बेक का खतरा बड़ गया। इसी कारण यह निर्णय लिया गया कि अगर कोई छात्र 20 क्रेडिट स्कोर कर लेता है, तो वह चाहे जितने भी विषय में फेल हो उसे सप्लीमेंट्री दी जाएगी। अगर छात्र को क्रेडिट स्कोर 20 से कम यानी 19 रहता है, तो वह फेल माना जाएगा।
फाउंडेशन कोर्स में 4 विषय होते हैं
फाउंडेशन कोर्स में 4 विषय होते हैं। इसमें योग, हिंदी, अंग्रेजी और पर्यावरण होता है। पहले यह चारों विषय के 100-100 नंबर के चार अलग-अलग पेपर होते थे। अब इन्हें मिलाकर दो भाग यानी 100-100 नंबर के दो पेपर होने लगे हैं। इनमें छात्रों को 35-35 नंबर में पास होना होता है।
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