लखनऊ
दुनिया भर के कारोबारियों को अपने अपने यहां लाने की होड़ अब राज्यों में और तेज हो चली है। निवेश लक्ष्य, रोड शो, सहूलियतों के लिहाज से यूपी निवेशकों को लुभाने की मुहिम में सबसे आगे है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में दिल्ली में समिट के लिए रोड शो का आगाज करते हुए दुनिया भर के निवेशकों को लखनऊ आने का न्यौता दिया। इस समय छह राज्य देश विदेश के कारोबारियों को निवेश के लिए अपने यहां लाने के लिए बड़े प्रयास कर रहे हैं। यूपी ने मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडू, आंध्रप्रदेश, पंजाब से ज्यादा बड़े निवेश लाने का लक्ष्य रखा है।
यूपी ने दस लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश का लक्ष्य रखा है। इनमें सवा लाख करोड़ का निवेश के लिए अभी से सहमति बन गई। लखनऊ में हो रही ग्लोबल समिट के पहले प्रचार प्रसार के लिए होने वाले रोडशो भी सर्वाधिक 19 देशों के 26 शहरों में होने जा रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता व अहमदाबाद में यूपी सरकार रोड शो करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में दिल्ली में समिट के लिए रोड शो का आगाज करते हुए दुनिया भर के निवेशकों को लखनऊ आने का न्यौता दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2018 में लखनऊ में हुए इन्वेस्टर्स समिट में कहा था कि ज्यादा प्रतिस्पर्धा यानी की ज्यादा निवेश। इससे ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने यूपी व महाराष्ट्र को वन ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए काम करने का आह्वान किया था। अगले साल जनवरी में मध्यप्रदेश सरकार 11 व 12 जनवरी को इंदौर में ग्लोबल समिट कराने जा रही है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मुंबई में रोडशो कर चुके हैं। आंध्रप्रदेश अपने तटीय औद्योगिक शहर विशाखापत्तम में अंतर्राष्ट्रीय निवेश सम्मेलन कराने जा रहा है। यह आयोजन 3 से 5 मार्च को होगा।
उनकी नजर यहां शिपिंग, पोर्ट व नौसेना से जुड़े हथियार बनाने वाली अंतराष्ट्रीय कंपनियों पर है। पंजाब भी अगले साल फरवरी में अपने यहां समिट कराने की तैयारी कर रहा है। कर्नाटक की राजधानी बंगलुरू में दो से चार नवंबर को समिट का आयोजन हुआ। इसमें 8 लाख करोडके निवेश प्रस्ताव के एमओयू हुए है। इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किया। राजस्थान भी हाल में अपने निवेश सम्मेलन कर चुका है।
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