डिंडौरी
सरकार चलाने में निपुण हो चुके मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनता के बीच हमेशा अपना अलग अंदाज पेश करने की तलाश में रहते है। हाल ही में ही आदिवासियों के लिए लागू हुए नए कानून 'पेसा' के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे है। ट्राइबल बेल्ट के डिंडौरी जिले में आयोजित ग्राम सभा में पहुंचे सीएम शिवराज ने एक्ट के नाम से ही बच्चे का नामकरण कर दिया। उन्होंने बच्चे को गोद में उठाया और बोले कि आज से तुम्हारा नाम 'PESA'। एमपी के डिंडौरी जिले में कुछ ग्राम सभाओं में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने शिरकत की। आदिवासियों के लिए हाल ही में लागू किए गए 'पेसा' कानून के फायदों के बारे में ग्रामीणों को रु-बरु कराते हुए सीएम का एक अलग अंदाज सामने आया।
जिले के शहपुरा ब्लॉक की गुरैया पंचायत के कार्यक्रम में आदिवासी दंपत्ति ट्रम्बकेशव मरावी और दीपमाला मरावी बच्चे को लेकर पहुंचे थे। सीएम शिवराज सिंह जब पेसा एक्ट के बारे में बोल रहे थे, तो इस दंपति ने अपने एक महीने के बेटे का नामकरण मुख्यमंत्री द्वारा करने की अपील की। सीएम ने दंपति को मंच पर बुलाया और उनके बच्चे को गोद में उठाया। मुस्कुराते हुए उन्होंने बच्चे का नाम भी 'PESA' ही रख दिया। इसी नाम से आदिवासियों का नया एक्ट पहचाना जा रहा हैगड़ा। मंच से जब 'पेसा' के रूप में बच्चे के नामकरण की घोषणा हुई तो आयोजन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
ट्रम्बकेशव मरावी और दीपमाला मरावी का बेटा अब 'पेसा' नाम से पहचाना जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा बेटे का नामकरण होने से मरावी दंपति बेहद खुश नजर आई। उनका कहना था कि एक माह पूर्व ही बेटे का जन्म हुआ है। कई दिनों से वह बेटे के नाम रखने के बारे सोच रहे थे। सीएम के प्रोग्राम में जब वह पहुंचे तो उनके मन में ख्याल आया कि प्रदेश के मुखिया से ही बेटे का नामकरण कराया जाए। 'पेसा एक्ट' के नाम से अब एमपी का यह बेटा चर्चा का विषय बना हुआ है। बेटे को गोद में उठाते हुए और उसके नाम की घोषणा करते हुए सीएम शिवराज सिंह का वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है।
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