नई दिल्ली
टी20 वर्ल्ड कप 2022 में भी भारतीय टीम ने नाकामी देखी है। फिलहाल फुटबॉल वर्ल्ड कप चल रहा है जहां पर ब्राजील जैसी टीमों को हमेशा एक फेवरेट मानने का कारण है उनके देश में इस खेल की दीवानगी। यही हाल यूरोप की बड़ी टीमों के बीच देखा जा सकता है। भारत भी क्रिकेट की दुनिया का यूरोप और ब्राजील दोनों है लेकिन जब बात वर्ल्ड कप की आती है तो वह कई बार इतना ही अच्छा नजर आता है जितनी की भारत की खुद की फुटबॉल टीम।
क्रिकेट पर इतना मोटा पैसा कमा रहे और खर्च कर रहे बीसीसीआई के लिए यह बड़ी आलोचना की बात होनी चाहिए। एक के बाद एक वर्ल्ड कप ऐसे गंवाना जैसे आप कोई नौसिखिए हो, अब बेतुकी बात लगती है। आईपीएल का हल्ला पूरे विश्व में बजवाने के बाद भी इसी फॉर्मेट में लगातार वर्ल्ड कप हार मिलना सहनीय नहीं है। इसलिए बोर्ड ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सबसे पहले सीनियर सिलेक्शन कमेटी को ही हटा दिया है। ये एक बड़ा बदलाव लगता है। चेतन शर्मा की अगुवाई वाली टीम जा चुकी है और नई सिलेक्शन कमेटी का गठन होना तय है जिसके लिए देश भर से बीसीसीआई ने आवेदन मंगवाए हैं। इसके लिए भारत के पूर्व क्रिकेटरों ने एप्लाई कर दिया है जिसमें नयन मोंगिया, मनिंदर सिंह, हेमांग बदानी, शिव सुंदर दास और अजय रात्रा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
ये सभी हैवीवेट नाम हैं जिसके लिए बीसीसीआई एक सलाहकार कमेटी का गठन कर सकता है जो नई सिलेक्शन कमेटी को चुने। नयन मोंगिया भारत के पूर्व विकेटकीपर रह चुके हैं जिन्होंने 90 के दशक में बहुत क्रिकेट खेला। हालांकि वे एक औसत बल्लेबाज थे पर कीपर शानदार थे। हेमांग बदानी भी मोंगिया के दौर के आसपास खेलते रहे। वे बाए हाथ के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज थे जिनको कम ही मौके मिले। शिव सुंदर दास ने 2000 के दशक की शुरुआत में टेस्ट मैच ओपनर के तौर पर पहचान बनाने की सफल शुरुआत की लेकिन वे आक्रामक होने के बावजूद अपने खेल को आगे बढ़ाने में नाकामयाब रहे। अजय रात्रा एक विकेटकीपर बल्लेबाज थे जिन्होंने कुछ ही इंटरनेशनल मैच खेले हैं।
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