लखनऊ
प्रदेश के आगरा, अलीगढ़, बदायूं, बहराइच, बलिया, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, हाथरस, कुशीनगर, मऊ, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर सहित 41 जिले खसरे को लेकर हाई रिस्क जोन में हैं। खसरा और रूबैला के कंफर्म केस भले ही हाल के दिनों में यूपी में न मिले हों लेकिन संवेदनशीलता के मामले में प्रदेश देश भर में टॉप पर है।
खसरे के मामले में पूरे देश में हाई रिस्क जोन में शामिल किए गए जिलों में सर्वाधिक यूपी के ही हैं। प्रदेश के 41 जिले हाई रिस्क जोन में और 31 मीडियम रिस्क जोन में हैं। मतलब साफ है कि खसरा और रूबैला के टीके बच्चों को तय समय पर नहीं लग पा रहे।
केंद्र सरकार ने देश के कई हिस्सों में रूबैला और खसरे (मिजिल्स) के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जताई है। राज्यों को अलर्ट किया है। खसरा और रूबेला से निजात पाने को रोडमैप भी तैयार किया गया है। इसे लेकर देश के तमाम जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें लो, मीडियम और हाई रिस्क जोन शामिल है। इन जिलों की राज्यवार सूची तैयार की गई है। देश के कुल 164 हाई रिस्क वाले जिलों में से सर्वाधिक 41 यूपी के हैं।
मीडियम रिस्क जोन की श्रेणी में भी उत्तर प्रदेश के 31 जिलों को रखा गया है। इस श्रेणी में सिर्फ मध्य प्रदेश (42 जिले) ही यूपी से ऊपर है। वहीं लो रिस्क जोन में प्रदेश के तीन जिलों को शामिल किया गया है।
टीकाकरण को लेकर चलेगा विशेष अभियान
प्रदेश में संवेदनशील क्षेत्रों में रूबेला और खसरे से बचाव को टीके की तीसरी अतिरिक्त डोज लगाने को कहा गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी सीएमओ को प्रदेश में नियमित टीकाकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। टीकाकरण पखवाड़े आयोजित किए जाएंगे।
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