नई दिल्ली
चुनाव भले ही गुजरात और हिमाचल प्रदेश में में हो रहा है, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस दिग्गज कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुनील जाखड़ को अपनी टॉप बॉडी में शामिल कर भगवा पार्टी ने सियासी पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। ऐसा इसलिए कि एक-दो अपवाद को छोड़कर बीजेपी में दूसरे दलों से आए नेताओं को निर्णय लेने वाली कमेटियों में शामिल करने की प्रथा नहीं रही है। पार्टी के ताजा फैसलों से यह माना जा रहा है कि बीजेपी ने आगामी आम चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया है।
2024 के लोकसभा चुनावों पर नज़र रखते हुए भाजपा ने शुक्रवार को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ को पार्टी की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बनाया, जिसमें पीएम मोदी, भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब के पूर्व मंत्री राणा गुरमीत सोढ़ी को समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया गया है। आपको बता दें कि यह भाजपा की शीर्ष विचार-विमर्श करने वाली संस्था है जो कार्यकर्ताओं के लिए राजनीतिक एजेंडा तय करती है।
पंजाब में भाजपा की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने इन दो दिग्गजों के अलावा अन्य को टॉप बॉडी में शामिल करने का फैसला किया है। फिलहाल पंजाब में बीजेपी के सिर्फ दो सांसद हैं। गुरदासपुर से सनी देओल और होशियारपुर से सोम प्रकाश लोकसभा सदस्य हैं। कांग्रेस के पास कुल 13 में से आठ सांसद हैं। बीजेपी 2024 को ध्यान में रखते हुए पंजाब को हाथ से जाने देने के मूड में नहीं है। अमरिंदर सिंह और सुनील जाखड़ के अलग होने के बाद कांग्रेस यहां पहले की तुलना में काफी कमजोर नजर आ रही है। ऐसे में बीजेपी नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और कांग्रेस से आए दोनों दिग्गजों की कूटनीति के सहारे 13 में से अधिक से अधिक सीटें अपने पाले में करने की कोशिश में है। आपको बता दें कि भगवा खेमे के लिए यह पहला आम चुनाव होगा जो कि शिरोमणि अकाली दल के बिना लड़ेगा। दोनों ने 2020 में अपने 24 साल के गठबंधन को समाप्त कर लिया था।
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