निकायोें की सीमा से 25 किलोमीटर के दायरे में बस संचालन की अनुमति दिए जाने का आपरेटरो ने विरोध किया

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित सभी बड़े नगर निगम और नगर पालिकाओं में संचालित सिटी बसों को निकायोें की सीमा से 25 किलोमीटर के दायरे में संचालन की अनुमति दिए जाने का निजी आॅपरेटर विरोध कर रहे है। नगरीय प्रशासन विभाग ने इसको लेकर उच्च न्यायालय जबलपुर, खंडपीठ इंदौर और ग्वालियर में केवियट दायर की जा रही है ताकि इस तरह के मामलों में दायर होंने वाली याचिकाओं को शासन का पक्ष सुने बिना  स्थगन, एकपक्षीय आदेश जारी नहीं हो सके।

परिवहन विभाग ने अमृत योजना के अंतर्गत प्रदेश में नगरीय निकायों के अधीनस्थ परिवहन कंपनियों के माध्यम से शहरी और अंर्तशहरी बसों का संचालन किया जा रहा है। शहरी मार्गो पर नगर पालिक निगम के अधीनस्थ परिवहन कंपनियों द्वारा संचालित सिटी बसों को जनहित में  नगरपालिक निगम की सीमा से लगे 25 किलोमीटर की परिधि में संचालन की अनुमति परिवहन विभाग ने प्रदान की है। निजी आपरेटर इन बसों के संचालन का विरोध कर रहे है क्योंकि इससे उनकी बसों की आय प्रभावित हो रही है। नगरीय प्रशासन विभाग की जानकारी में आया है कि कुछ आपरेटर और निजी लोग कोर्ट जाकर स्टे आर्डर प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, इससे शहरी मार्गो पर बसों का संचालन प्रभावित होने की संभावना है। इसलिए इस आदेश के विरुद्ध किसी भी उच्च न्यायालय से स्थगन प्राप्त किये जाने की याचिका दायर की जाती है तब ऐसी स्थिति से बचने के लिए शासन द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर और ग्वालियर तथा इंदौर खंडपीठ में केवियट लगाई  गई है ताकि स्थगन आदेश या एकतरफा आदेश पारित न हो सके।

 

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