मध्यस्थता से विवादों का निराकरण भारतीय परम्परा का हिस्सा है – सहकारिता मंत्री डॉ. भदौरिया
भोपाल
मध्यप्रदेश में मध्यस्थता से विवादों के निराकरण के लिए मीडिएटर सेंटर की स्थापना में राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी। विधि एवं गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को मंथन कान्क्लेव 2022 के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि विवादों के निराकरण के लिए प्रदेश में मीडिएटर सेंटर स्थापना का सुझाव महत्वपूर्ण है। न्यायालय के बाहर निराकरण की पहल होना चाहिए। हमारे समाज में पंच परमेश्वर की सुदृढ़ अवधारणा रही है। कॉन्क्लेव का आयोजन निर्माण संस्था द्वारा किया गया।
सहकारिता एवं लोक सेवा-प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविन्द सिंह भदौरिया ने कहा कि न्यायालयों में 4 करोड़ से अधिक लंबित प्रकरण है। मध्यस्थता से बहुत से प्रकरणों का निराकरण हो जाता है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता द्वारा विवादों का निराकरण करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा रहा है। हमारी संस्कृति में पंचों के निर्णय को स्वीकार करने की परम्परा रही है। मध्यस्थता से प्रकरणों का निराकरण अच्छी पहल है। उन्होंने मंथन कॉन्क्लेव 2022 को भोपाल में करने के लिए आयोजकों को बधाई दी।
मंथन कानक्लेव के उद्घाटन सत्र को दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश एस. सी. शर्मा, निर्माण संस्था के संरक्षक न्यायमूर्ति राजेन्द्र मेनन, मीडिएटर्स इण्डिया के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राम पांछु ने भी संबोधित किया।
निर्माण संस्था की अध्यक्ष श्रीमती नीना खरे ने कॉन्क्लेव की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि "मध्यस्थता" एक ऐसी प्रक्रिया है जो रिश्तों को टूटने से बचाती है एवं स्वेच्छा से सौहार्द्धपूर्ण वातावरण में लोगों को अपने विवाद के समाधान के लिए प्रेरित करती है।
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