गाजियाबाद में सुरक्षित नहीं लड़कियां, 5 साल की बच्ची से हुए दुष्कर्म के बाद दहशत में आए लोग

उत्तर प्रदेश राज्य

साहिबाबाद
जिले में बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। हैवानियत के बाद उनका कत्ल किया जा रहा है। रंगदारी के लिए मौत के घाट उतारा जा रहा है। इससे लोग खौफजदा हैं। बच्चियों को लेकर काफी चिंतित हैं। जिले में कमिश्नरेट सिस्टम भी लागू हो चुका है। बावजूद इसके इस पर अंकुश नहीं लग रहा है। इससे लोगों में आक्रोश व्याप्त हो रहा है।

उम्मीदों पर फिरा पानी 
बढ़ते अपराध को लेकर जिले में कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया गया। तेजतर्रार आइपीएस अजय मिश्र को पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया। उन्होंने चार्ज संभाल लिया। लोगों को उम्मीद जगी कि अब अपराध पर अंकुश लगेगा लेकिन इस पर पानी फिर गया। साहिबाबाद कोतवाली क्षेत्र में घर के बाहर खेल रही बच्ची को अगवा करके दरिंदगी करके मार डाला गया। इससे लोगों में फिर से निराशा आ गई।
 
मासूम से दरिंदगी करने वालों तक नहीं पहुंच सकी पुलिस 
लिंक रोड थाना क्षेत्र में 15 अक्टूबर की सुबह रेलवे लाइन के किनारे खून से लथपथ ढाई साल की लावारिस बच्ची मिली। चिकित्सीय परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। डेढ़ माह से ज्यादा का समय बीत गया। पुलिस न तो बच्ची की पहचान कर पाई और न ही उसके साथ हैवानियत करने वाले का पता लगाकर गिरफ्तार कर सकी।

सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई किशोरी 
खोड़ा थाना क्षेत्र की एक किशोरी सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में उसने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। तीन आरोपित जेल में हैं। उनमें से एक का डीएनए किशोरी के बेटे से मिला है।

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