कलेक्टर श्री मिश्रा ने गाड़ी रोककर सुनी छात्रों की गुहार
धार
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने आज टीएल मीटिंग खत्म होने के बाद आवास सहायता राशि को कम किये जाने को लेकर ज्ञापन देने जा रहे अलग अलग कॉलेज के सैकड़ो छात्र छात्राओं की समस्या को रोड पर ही रुककर सुना एवं संबंधित अधिकारी को समस्या के निराकरण के निर्देश भी दिये।
आवास सहायता राशि कम किये जाने को लेकर आज आदिवासी छात्र संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में विद्यार्थीयों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को देने पहुँचे थे किंतु टाइम लिमिट की मीटिंग खत्म होने के बाद कलेक्टर घर जा रहे थे तभी छात्र-छात्राओं के नारेबाजी की आवाज सुनकर कलेक्टर ने अपना वाहन रुकवाया एवं गाड़ी से उतरकर छात्रों की समस्या सुनी एवं आश्वासन दिया कि आपका मामला प्रदेश स्तर का है लेकिन आपकी समस्या का निराकरण करने के लिए आपकी बात आगे पहुँचा दी जाएगी साथ ही सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग सुप्रिया बिसेन को बुलाकर लोकल स्तर पर जो समस्या है उसका निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा द्वारा मौके पर सुनवाई करने पर छात्र भी संतुष्ट नजर आए।
दरअसल छात्रों की मांग थी कि अनुसूचित जनजाति ( आदिवासी ) छात्र छात्राओं को आवास सहायता योजना भोपाल इंदौर जबलपुर ग्वालियर उज्जैन 05 संभागीय मुख्यालय में राशि 4000 प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह व 47 जिला मुख्यालय 2500 प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह विकासखंड मुख्यालय पर 2000 प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह की गई थी तथा 16 अगस्त 2022 के क्रमांक एफ – 12-25 / 2017 / 25-2 विभाग द्वारा पुन : संभागीय मुख्यालय पर 2000 विद्यार्थी प्रतिमाह जिला मुख्यालय 1250 प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह विकासखंड मुख्यालय 1000 प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह करते हुए कम कर दी गई है।
छात्रों की मांग थी कि उक्त राशि आवास हेतु संभागीय मुख्यालय 4000 जिला मुख्यालय 2500 विकासखंड मुख्यालय 2000 करें ।
छात्र नेताओं ने कहा कि उक्त राशि कम करने से छात्र – छात्राओं में भारी असंतोष है और हमारी मांगे गंभीरता से लिया जाये नहीं तो आदिवासी छात्र संगठन द्वारा पुरे मध्य प्रदेश में चरणबद्ध विद्यार्थी आंदोलन किया जाएगा ।
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