भारत के मिसाइल टेस्ट से पहले चीन ने फिर भेजा जासूसी जहाज, हिंद महासागर में ड्रैगन बना सिरदर्द 

देश

नई दिल्ली 
हिंद महासागर में चीन अब लगातार भारत के लिए खतरा बनता जा रहा है और बार बार भारत की जासूसी करने के लिए पहुंच रहा है। पिछले महीने भी चीनी जासूसी जहाज की वजह से भारत को अपना मिसाइल लॉन्च टालना पड़ा था और एक बार फिर जब भारत बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च करने वाला है, तो रिपोर्ट आ रही है, कि एक बार फिर से हिंद महासागर में चीन का जासूसी जहाज पहुंच गया है। 

भारत की जासूसी करता चीनी जहाज नॉर्वेजियन कंपनी मैरीटाइम ऑप्टिमा ने हिंद महासाहर में चीनी जहाज की गतिविधियों को लेकर जो डेटा जमा किए हैं, उसमें बताया गया है कि, चीन का रिसर्च जहाज युआन वांग-5 सोमवार को एक बार फिर से हिंद महासागर में पहुंच गया है। मैरीटाइम ऑप्टिमा ने जिस वक्त चीनी जहाज की गतिविधियों को दर्ज किया था, उस वक्त चीनी जासूसी जहाज युआन वांग-5 इंडोनेशिया में जावा द्वीप के तट से हिंद महासागर में दक्षिण की तरफ बढ़ रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन का जासूसी जहाज उस वक्त हिंद महासागर में फिर से दाखिल हुआ है, जब भारत ने मिसाइल परीक्षण को लेकर अलर्ट जारी किया है। 

भारत ने अंडमान और निकोबार क्षेत्र में मिसाइल परीक्षण के लिए NOTAM (नोटिस टू एयरमेन / नोटिस टू एयर मिशन) जारी किया है और भारत के नोटम जारी करने के ठीक एक हफ्ते बाद चीन ने अपने रिसर्च जहाज को हिंद महासागर में भेज दिया है। बताया जा रहा है, कि चीनी जहाज कहीं और जा रहा था और भारत के नोटम जारी करने के फौरन बाद चीनी जहाज ने अपनी दिशा बदलकर हिंद महासागर की तरफ कर दी। 

 हिंद महासागर में चीन बना सिरदर्द इससे पहले भारत नवंबर महीने के पहले हफ्ते में भी बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण की योजना बना रहा था और उस वक्त चीन ने अपने दूसरे जासूसी जहाज युआन वांग-6 को हिंद महासागर में भेज दिया था, जिसकी वजह से भारत को मिसाइल परीक्षण टालने के लिए मजबूर होना पड़ा था। वहीं, ओपन सोर्स जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस एनालिस्ट डेमियन साइमन ने 2 दिसंबर को अनुमान लगाते हुए ट्वीट किया था, कि, हिंद महासागर में एक बार फिर से चीन का जासूसी जहाज आने वाला है और उसकी भविष्यवाणी सच साबित हुई है। 

युआन वांग 6 से 11 नवंबर के बीच होने वाले मिसाइल टेस्ट से पहले हिंद महासागर क्षेत्र में प्रवेश किया था, जिसके लिए भारत ने नोटम जारी किया था। उस नोटम के तहत भारत बंगाल की खाड़ी के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन के रूप में चिह्नित किया था। साइमन के मुताबिक, भारत ने चीनी पोत की उपस्थिति के कारण 7 नवंबर को अपने पिछले NOTAM को रद्द कर दिया था, और 23-24 नवंबर की लॉन्च विंडो के साथ बंगाल की खाड़ी के ऊपर नो-फ्लाई ज़ोन के लिए NOTAM को फिर से जारी किया था।
 

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