गांधीनगर
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कागज पर लिखकर दे दिया था कि उनकी पार्टी 92 से अधिक सीटों पर जीतने जा रही है। पंजाब में अपनी सटीक भविष्यवाणी से चौंका चुके अरविंद केजरीवाल की 'गणना' गुजरात में पूरी तरह गलत हो गई। ना सिर्फ 'आप' के प्रदेश प्रमुख और सीएम फेस को करारी हार का सामना करना पड़ा, बल्कि केजरीवाल के 128 लड़ाके जमानत जब्त करा बैठे। भाजपा की आंधी में 17 सीटों पर सिमटी कांग्रेस के भी 41 प्रत्याशियों की भी जमानत जब्त हो गई है।
'आप' ने इस बार 181 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी को महज 5 सीटों पर ही जीत हासिल हो सकी। हालांकि, पार्टी कई सीटों पर दूसरे नंबर पर भी रही। कुछ पर उसने कांग्रेस का खेल बिगाड़ा तो कुछ पर भाजपा को परेशान किया। हालांकि, कांग्रेस के वोटशेयर में बंटवारे की वजह से कई सीटों पर भाजपा की जीत का अंतर काफी बड़ा रहा। पहली बार पूरे दमखम के साथ लड़ी 'आप' को राज्य में 12.92 फीसदी वोट मिले हैं। 2017 में 29 सीटों पर लड़ी 'आप' के सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पिछले छह महीने में गुजरात में काफी मेहनत की थी। उन्होंने दिल्ली और पंजाब की तरह मुफ्त बिजली, अच्छे स्कूल-अस्पताल देने का वादा किया था तो महिलाओं को हर महीने 1000 हजार रुपए और बेरोजगारों को 3 हजार रुपए मासिक भत्ता देने की भी बात कही थी। रैलियों और रोड शो में उमड़ने वाली भीड़ से उत्साहित केजरीवाल ने दावा किया था कि उनकी पार्टी की भाजपा को टक्कर दे रही है। वोटिंग नजदीक होने पर उन्होंने लिखकर दिया था कि उनकी पार्टी 92 से अधिक सीटों पर कब्जा करेगी। इसुदान गढ़वी और गोपाल इटालिया के बड़े मार्जिन से जीतने का दावा भी गलत साबित हुआ।
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