मुरादाबाद
मुरादाबाद में सड़क हादसे रोकने की कवायद बैठक व कागजों तक ही सीमित है। पहले से सड़क किनारे लगे बिजली पोल, अतिक्रमण से असुरक्षित कांठ रोड पर अब खतरा और बढ़ गया है। सोनकपुर ब्रिज बनने से वाहनों के बढ़े दबाव को नजरअंदाज करने की नतीजा रहा कि किला मोड़ पर जंक्शन प्वाइंट नया ब्लैक स्पॉट बन गया। गुरुवार को सड़क हादसे में नानी-धेवती की मौत ने सड़क सुरक्षा समिति को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
सड़कों पर हादसों पर अंकुश के लिए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट सिटी में पहल हुई थी। नगर आयुक्त व सीईओ संजय चौहान ने हादसे रोकने के लिए संस्था को सड़क सुरक्षा के मद्देनजर जिम्मेदारी सौंपी थी। संस्था स्टूडियो अर्बन लिंक ने कांठ रोड पर पीलीकोठी से एमडीए दफ्तर तक पांच किमी के दायरे में छह जंक्शन प्वाइंट, पीएसी तिराहे पर वाई जंक्शन को बेहद खतरनाक माना है। इसके अलावा बिजली विभाग के 288 पोल है। कई जगहों पर सड़क किनारे यूनीपोल, मीडियन कट, पेट्रोल पंप की एंट्री व एक्जिट खास दुर्घटना के बिन्दु है। संस्था ने हरथला में गुलाब मस्जिद पर कूड़ा स्थल, वीसी आवास रोड, विकास भवन के अलावा सड़क पर छायादार पेड़ व बाहर निकली दुकानें, अस्थाई बने टेंपो स्टैंड को भी हादसे का कारण मना है।
हादसे के चेते अधिकारी
अकबर के किला मोड़ पर गुरुवार को हुए हादसे को अफसर चेते है। कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने सड़क सुरक्षा के लिए टीम गठित की है। इसके चलते शुक्रवार की सुबह ही एमडीए के मुख्य अभियंता नीरज कुमार, लोनिवि के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार समेत विभागीय टीम ने साइट का जाएजा लिया। आरटीओ, यातायात व निगम को भी शामिल किया है।
दुर्घटना के प्वाइंट
– 5 किमी पर छह जंक्शन प्वाइंट
– पीएसी तिराहे पर वाई जंक्शन
– नवीन नगर
– हरथला में गुलाब मस्जिद पर कूड़ा स्थल
– अकबर का किला मोड़
– वीसी आवास रोड
– विकास भवन के प्वाइंट
जिम्मेदारों के सामने तीन बार हो चुका है रिपोर्ट का प्रजेंटेशन
लोगों की जिंदगी छीन रही गलत इंजीनियरिंग व यातायात व्यवस्था की खामी को दूर करने को मंथन हुआ है। संस्था स्मार्ट सिटी में तीन बार अपनी रिपोर्ट पेश कर चुकी है। जिम्मेदारों ने इस पर सहमति तो दिखाई मगर नसीहतों पर अमल के लिए न पहल हुई और न कोई कार्रवाई।
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