इंटरनेशनल स्कूल की बच्ची से रेप के मामले में बस ड्राइवर और केयरटेकर दोषी, सोमवार को मिलेगी सजा 

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल 
बच्ची से रेप के मामले में बस ड्राइवर और केयरटेकर दोषी राजधानी भोपाल के इंटरनेशनल स्कूल में साडे 3 साल की बच्ची से स्कूल बस में हुए दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने बस ड्राइवर व महिला केयरटेकर को दोषी माना है। कोर्ट ने दोषियों को सोमवार को सजा सुनाने कहा है। बता दे भोपाल पुलिस ने 3 महीने पहले बच्ची से दुष्कर्म के मामले में बिल्लाबोउँग स्कूल बस के ड्राइवर हनुमान जाटव और केयरटेकर उर्मिला साहू को गिरफ्तार किया था।

पोस्को एक्ट में दोष सिद्ध भोपाल जिला कोर्ट की विशेष न्यायधीश सलूजा गुप्ता की कोर्ट में शनिवार को सुनवाई हुई। जिसमें दोनों आरोपियों को दोषी पाया गया। इस मामले में विशेष लोक अभियोजन अधिकारी मनीषा पटेल ने बताया कि आरोपी हनुमंत जाटव और उर्मिला साहू को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए कहा कि इनकी सजा सोमवार को सुनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि आरोपी हनुमंत जाटव पर 376 (एबी), 376( 2) एन 5 एफ,एल,एम/6 पोस्को एक्ट में दोष सिद्ध किया गया है। भाई उर्मिला साहू को धारा से पार्टी धारा 109 और पोस्ट को 16/17 में दोषी पाया गया। पुलिस ने जांच कर 20 दिन में चालक पेश किया था। वहीं उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर अलग से एक केस चल रहा है।

ड्राइवर ने एक बार नहीं बल्कि कई बार ज्यादती की बता दे राजधानी भोपाल के नीलबड़ में स्थित बिलाबोंग स्कूल में पढ़ने वाली साडे 3 साल की मासूम बच्ची के साथ बस के ड्राइवर ने एक बार नहीं बल्कि कई बार उसके साथ ज्यादती की थी। इसका खुलासा मध्य प्रदेश बाल आयोग ने अपनी रिपोर्ट में किया था। इसके अलावा SIT की जांच के बाद बिलाबॉन्ग स्कूल प्रबंधन पर FIR दर्ज की गई थी डायरेक्टर फैजल अली और प्रिंसिपल आशीष अग्रवाल (स्कूल प्रबंधन) पर भी FIR दर्ज गई थी। सीएम शिवराज ने अधिकारियों को दिए थे निर्देश नीलबड़ स्थित बिलाबोंग पब्लिक स्कूल की बस में साडे 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। इसमें बस की केयरटेकर ने भी ड्राइवर की मदद की थी। इस मामले में बच्ची के परिजनों ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत की थी। जिसके बाद महिला थाने में एफ आई आर दर्ज हुई थी। इसके बस ड्राइवर और केयरटेकर को गिरफ्तार किया गया।

 मामले को देखते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। बच्ची के कपड़े देखकर हुआ था शक 8 सितंबर को बच्ची के स्कूल से घर आने पर मां को बच्ची के कपड़े देखकर शक हुआ था और उन्होंने कपड़े बदलने को लेकर स्कूल प्रबंधन से पूछताछ की तो वे जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। तब उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर से की। जांच में पता चला कि बस का सीसीटीवी खराब था। मामले में परिजनों ने बताया था कि बच्ची के साथ बस ड्राइवर ने बेड टच और उसके होंठ चुमने व प्राइवेट पार्ट में फिंगरिंग और हाथ पैर ने की गंदी हरकत की थी। वहीं स्कूल प्रबंधन का कहना था कि बच्चे के कपड़े गीले हो गए थे, इसलिए कपड़े चेंज किए गए।
 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry