सिवनी :बाघ के हमले से एक की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने 6 गाड़ियों फोड़ा, चिकित्सक को पीटा

मध्य प्रदेश राज्य

सिवनी
 पेंच टाइगर रिजर्व के रूखड़ बफर वन परिक्षेत्र से लगे राजस्व ग्राम गोंडेगांव में रविवार सुबह घर के पीछे शौच के लिए गए एक ग्रामीण पर बाघ ने हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों का यहां हुजूम लग गया। सूचना पर मौके पर पहुंचे वन अधिकारियों-कर्मचारियों से आक्रोशित ग्रामीणों ने बाघ को पकड़ने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। घटनास्थल से कुछ दूरी पर तुअर के खेत व झाड़ियों में मौजूद बाघ को खदेड़ने ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर दौड़ लगा दी। इसी दरम्यान हमलावर बाघ ने दो अन्य लोगों पर पंजा मारकर घायल कर दिया। मौके पर बाघ को पकड़ने पहुंचा अमला तैयारियों में जुटा था। इसी बीच बाघ को जंगल के करीब जाता देखकर ग्रामीणों ने तोड़-फोड़ शुरू कर दी। मौके पर पहुंचे पेंच टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डा. अखिलेश मिश्रा के सिर पर लाठी से हमला कर दिया। वहीं एक वनरक्षक सारिक खान से अभद्रता करते हुए वर्दी फाड़ दी। अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई

रामीण की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी वन अमले और पुलिस विभाग को दी। सूचना देने के बाद काफी देर तक टीम मौके पर नहीं पहुंची। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने प्रशासन पर बाघ को भगाने का आरोप लगाया।

अधिकारी के सिर पर लाठी मारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार बाघ को पकड़ने के लिए घटनास्थल पर अमला भी पहुंचा था और उसे पकड़ने की तैयारी कर रहा था। इसी बीच बाघ को जंगल के करीब जाता देखकर ग्रामीणों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। गुस्साए लोगों ने मौके पर पहुंचे पेंच टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. अखिलेश मिश्रा के सिर पर लाठी से हमला कर दिया। वहीं एक वनरक्षक सारिक खान से अभद्रता करते हुए वर्दी फाड़ दी। अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई।

कई वाहनों में की तोड़फोड़
गुस्साए लोगों ने पेंच टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, उपसंचालक, एसडीओ, वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित गश्ती दल में शामिल कर्मचारियों के वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। उन्होंने कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। मोगली अभयारण्य के एसडीओ आशीष पांडे के वाहन को पलटा कर नाले में गिरा दिया। साथ ही अन्य वाहनों को तोड़फोड़ के बाद सड़क पर पलटा दिया।

रेस्क्यू की जगह जंगल में भगाया बाघ
ग्रामीणों ने बताया कि बाघ सुबह करीब छह बजे घर के पास से ग्रामीण को उठाकर ले गया था। सूचना देने के करीब चार घंटे बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बाघ पास ही खेत में बैठा था। वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ सकती थी, लेकिन उन्होंने बाघ को जंगल में भगा दिया। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए।

बताने के बाद भी नहीं कराई फेंसिंग
सूचना मिलने पर बरघाट विधायक अर्जुन सिंह ककोडिया भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने शासन-प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। समस्या बताने के बाद भी कोई हल नहीं निकला गया। मांग के बावजूद जंगल के आसपास कोई फेंसिग नहीं की गई। बिजली की समस्या से भी लोग परेशान हैं। रात में लोगों ने निकलना बंद कर दिया है। आज दो लोगों को सुबह-सुबह बाघ उठा ले गया। सूचना के बाद भी अफसरों ने लापरवाही की।

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