‘कैदी चाय वाला’, सलाखों के पीछे चाय की चुस्की लेते हैं लोग, ग्राहकों की लगती है भीड़

राज्य

पटना 
बिहार में चाय के व्यापार से कई लोग सुर्खियों में छाए हुए हैं, ग्रैजुएट चायवाली के बाद अब कैदी चाय वाला सुर्खियों में छाया हुआ है। एमबीए चाय वाला, ग्रैजुएट चाय वाली, पोस्ट ग्रेजुएट चाय वाली की कहानी तो आप लोग पढ़ ही चुके होंगे। आईए अब आपको कैदी चाय वाला से रूबरू करवाते हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर ज़िले में खुली कैदी चाय वाला दुकान अपने नाम की वजह से चर्चा का विषय बनी हुई है। चाय दुकान का नाम लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है। दूसरे जिले के लोग भी मुजफ्फरपुर में इस दुकान की चाय पीने पहुंच रहे हैं। Expand सलाखों में बैठकर चाय की चुस्की मुजफ्फरपुर के रहने वाले बिट्टू एमबीए कर चुके हैं, उन्होंने मार्केटिंग का कोर्स किया है और यही वजह है कि वह अपने व्यापार की शानदार तरीके ब्रांडिंग कर पा रहे है। ज्यादातर लोगों को जेल का नाम सुनते दहशत होने लगता है। वहीं बिट्टू ने जेल के लुक में चाय दुकान खोलते हुए लोगों की सोच का नज़रिया ही बदल दिया है। उन्होंने बाजाबते जेल में सलाखे भी बनाई है।

कैदी चाय वाला की दुकान पर जुट रही भीड़ लॉकअप की तरह दिखने वाली कैदी चाय वाला की दुकान पर ग्राहकों की काफी भीड़ जुटने लगी है। दुकान पर चाय पीने पहुंचे लोगों ने बताया कि चाय दुकान के नाम से वह आकर्षित हुए इसलिए चाय पीने चले आए। चाय तो सभी लोग बेचते हैं लेकिन चाय की मार्केटिंग कुछ लोग ही कर पाते हैं। बिट्टू कुमार ने चाय की मार्केटिंग कैदी चाय वाला के ज़रिए की है। यह कॉन्सेप्ट लोगों को बहुत पसंद आ रहा है।

उत्तर प्रदेश में कहा हैं दुनिया का सबसे बड़ा 'बुलंद दरवाजा', जानें इतिहास और रोचक तथ्‍य दुकानदार बिट्टू कुमार की मेहनत रंग लाई दुकानदार बिट्टू कुमार ने बताया कि उन्होंने एमबीए करने के बाद कुछ अलग करने का सोचा। इसलिए चाय दुकान की अलग तरह से शुरुआत की। लोगों का काफी अच्छा रिस्पॉन्स है। दुकान को लॉकअप की तरह, लोहे का ग्रिल लगाकर जेल की शक्ल दी गई है। यहां आकर लोग चाय का जायका तो ले ही रहे हैं। इसके साथ ही शौक से सेल्फी भी ले रहे हैं। कैसे आया ये आईडिया ? कैदी चाय वाला बिट्टू ने कहा कि काफी दिनों से चाय दुकान खोलने का प्लान कर रहा था। चाय दुकान को लेकर कुछ नया कॉन्सेप्ट ढूंढ रहा है। इस दौरान ही ख्याल आया कि क्यों ना जेल की शक्ल में चाय दुकान खोली जाए। इस आइडिया के दिमाग में आते ही लॉकअप की तरह दुकान को लुक दिया और कैदी चाय वाला नाम से इसकी शुरुआत कर दी। यहां लोगों को चाय के साथ खाने-पीने के लिए दुसरी चीजें भी मौजूद हैं।
 

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