कोंडागांव
जिला मुख्यालय के चौपाटी मैदान में सर्व अनुसूचित जाति वर्ग कोंडागांव के तत्वावधान में अनुसूचित जाति वर्ग का 16 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर विशाल जनसभा कर महारैली निकाला गया जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए।
सर्व अनुसूचित जाति के जिलाध्यक्ष धंसराज टण्डन ने बताया कि छत्तीसगढ राज्य में अनुसूचित जाति वर्ग की जनसंख्या वर्तमान में लगभग 21 प्रतिशत है, परंतु छत्तीसगढ़ शासन ने भेदभावपूर्ण रवैया अपनाते हुए अनुसूचित जाति वर्ग को भारतीय संविधान में प्रदत्त सामाजिक, राजनैतिक तथा आर्थिक अधिकारों का हमेशा से हनन किया है तथा शासन द्वारा वर्तमान कैबिनेट बैठक में वही भेदभावपूर्ण तरीके से हमारे जनसंख्या अनुपात से भी कम आरक्षण को 16 प्रतिशत से घटाकर 13 प्रतिशत कर दिया गया है। जिसके कारण पूरा कोण्डागांव जिला तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश का अनुसूचित जाति वर्ग भारी चिंतित व आक्रोशित है। अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक विकास एवं आर्थिक विकास के लिए इस वर्ग को आरक्षण का लाभ शत प्रतिशत मिलना जरूरी है, तभी देश में समानता आएगी। इसलिए संविधान में जो व्यवस्था हक-अधिकार के लिए दी गई है उसका राज्य व केंद्र की सरकार अक्षरश पालन करे, किसी भी वर्ग के साथ शोषण व नियम कायदों की अनदेखी नही किया जाए। बल्कि ऐसे वर्ग को जो सदियों से उपेक्षित है जिनके सर्वांगीण विकास के लिए आरक्षण जैसे व्यवस्था संविधान में रखी गई है।
उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में 16 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था राज्य में लागू हो, ताकि अनुसूचित जाति वर्ग को आरक्षण का लाभ मिल सके। इसके लिए जिला कोण्डागांव के सर्व अनुसूचित जाति वर्ग के सभी समुदाय द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से महारैली व धरना का आयोजन कर मांगपत्र दी जा रही है, सहानुभूतिपूर्वक व सैद्धांतिक रूप से विचार कर मूलनिवासियों को अनुसूचित जाति वर्ग का आरक्षण 16 प्रतिशत किया जावे। शासन प्रशासन हमारी जायज मांग को पूरा नही करती है तो उग्र आंदोलन के लिए हमे बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

