अमरपाटन
महाविद्यालय में दिनांक 12-13 दिसंबर को दो दिवसीय बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में श्रीकृष्णा दिव्यांग आवासीय विद्यालय बेढ़न सिंगरौली से आईं चेतना सिंह ने छात्राओं को वेस्ट मैटेरियल जैसे पेपर, बॉटल कपड़ा, आदि से आकर्षित उपयोगी वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण दिया। छात्र छात्राओ ने बढ़ चढ़ कर इसमे हिस्सा लिया एवं लाभावनित हुए। महाविद्यालय प्राचार्य ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशाला से छात्रों की वेस्ट मैनेजमेंट की प्रति जागरूकता बढ़ेगी। जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम मे कार्यक्रम में आईक्यूएसी प्रभारी डॉक्टर एसएन मिश्रा, कार्यक्रम प्रभारी प्रो अनुष्का सिंह, प्रो साधना मंडलोई उपस्थित रहे।
अभिषेक निगम ने बताया कि बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट का अर्थ है बेकार वस्तुओं का उपयोग करके कुछ अनोखा और अभिनव बनाना जो अन्यथा किसी काम का नहीं है या बाहर फेंक दिया जाएगा। इसे किसी चीज को पूरी तरह से नया बनाने के लिए वस्तुओं का पुनर्चक्रण या पुन: उपयोग करना भी कहा जा सकता है। हमारे नियमित घरेलू सामानों में पुराने अखबार, इस्तेमाल की हुई बोतलें, खाली टिन के डिब्बे, कार्डबोर्ड बॉक्स, नारियल के गोले और प्लास्टिक की बोतलें शामिल हैं। ये सभी वस्तुएं हर घर में आसानी से मिल जाती हैं और अक्सर इन्हें बेतरतीब कूड़ेदान के रूप में फेंक दिया जाता है। थोड़े समय और रचनात्मकता के साथ, वे आपको अपने घर को नया रूप देने के लिए बेकार विचारों से बाहर कर सकते हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

