लिस्बन
फर्नांडो सैंटोस ने पुर्तगाल टीम के कोच से विदाई हो गई है. फर्नांडो सैंटोस ने अपनी टीम के फीफा विश्व कप 2022 से बाहर होने के बाद यह फैसला किया है. गौरतलब है कि पुर्तगाल को क्वार्टर फाइनल में मोरक्को के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था. उस मुकाबले में सैंटोस ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो को बेंच पर बैठा दिया था. हालांकि रोनाल्डो दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट प्लेयर के रूप में जरूर मैदान पर खेलने उतरे थे. प्री-क्वार्टर फाइनल मैच में भी सैंटोस ने रोनाल्डो को लेकर ऐसा ही चौंकाने वाला निर्णय लिया था
पुर्तगाली फुटबॉल महासंघ (FPF) ने फर्नांडो सैंटोस के कोच पद से हटने की जानकारी दी है. एफपीएफ ने बयान में कहा कि कि दोनों पक्षों ने अनुबंध समाप्त करने का फैसला किया क्योंकि यह एक नई शुरुआत करने का सही समय है. सैंटोस ने अपने विदाई वीडियो संदेश में कहा कि पुर्तगाल को कोचिंग देना एक सपन के सच होने जैसा था और उनके जीवन का लक्ष्य पूरा हो चुका है.
फर्नांडो सैंटोस ने अपने संदेश में कहा, 'जब आप किसी ग्रुप का नेतृत्व करते हैं तो आपको कुछ कठिन निर्णय लेने ही पड़ते हैं. यह सामान्य सी बात है कि हर कोई मेरे द्वारा किए गए प्रयोगों से खुश नहीं था, लेकिन मैंने जो निर्णय लिए वह पूरी तरह टीम के हितों को ध्यान में रखकर लिए गए थे.'
ये दिग्गज कोच पद की रेस में आगे
एफपीएफ ने कहा, 'टीम को खिताब जिताने के अलावा फर्नांडो सैंटोस सबसे ज्यादा गेम और सबसे ज्यादा जीत हासिल करने वाले कोच हैं. राष्ट्रीय टीम के प्रमुख के रूप में फर्नांडो सैंटोस जैसे कोच और व्यक्ति का होना एक सम्मान की बात थी. एफपीएफ ने यह भी कहा कि उसका बोर्ड अब नए कोच की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करेगा. पुर्तगाली मीडिया में ऐसी खबरें चल रही हैं कि एएस रोमा के मैनेजर जोस मॉरिन्हो, पुर्तगाली अंडर-21 टीम के कोच रुई जोर्ज और लिले बॉस पाउलो फोंसेका कोच पद की रेस में सबसे आगे हैं.
अपनी रणनीति के चलते विवादों में रहने के बावजूद फर्नांडो सैंटोस का कार्यकाल अच्छा रहा. सैंटोस ने 2014 में पुर्तगाल के कोच के रूप में पदभार संभाला और 109 मैचों में टीम का नेतृत्व किया. उनकी कोचिंग मं पुर्तगाल ने 2016 में यूरो कप और 2018-19 में यूईएफए नेशन्स लीग जीती.
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