नई दिल्ली
पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई लगातार नापाक साजिश रच रहा है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसआई की शह पर युवाओं का खालिस्तानी मुहिम के तहत ब्रेनवॉश करना, सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार, ड्रोन के जरिए हथियार-पैसा भेजना और टारगेट किलिंग आदि पर काम हो रहा है। पंजाब में आतंकवाद को ही टारगेट करके लश्कर ए खालसा बनाया गया है। साथ ही कश्मीर-खालिस्तान डेस्क के जरिए पाकिस्तानी एजेंसी कश्मीर के साथ पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को हवा देने की कोशिश में लगी हुई है।
एजेंसियां पंजाब पुलिस को आगाह करते हुए साजिश पर नजर रख रही है। जवाबी रणनीति के तहत पाकिस्तानी साजिश को नेस्तनाबूत करने के लिए काम कर रही हैं। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि पंजाब में सिख उग्रवाद को पुनर्जीवित करने के लिए पाकिस्तान ने एक वर्गीकृत योजना पर काम शुरू किया है। कनाडा में रहने वाले खालिस्तान कार्यकर्ताओं को यह काम सौंपा गया है। साथ ही कई देशों में खालिस्तान प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग की जा रही है।
गृह मंत्रालय गंभीर
सूत्रों ने कहा, राज्य में हिंसा भड़काने के लिए महत्वपूर्ण व्यक्तियों, हस्तियों, धार्मिक लोगों को निशाना बनाने की रणनीति आईएसआई ने बनाई है। गृह मंत्रालय इप रिपोर्टों को गंभीरता से ले रहा है। एजेंसियां आईएसआई से जुड़े खालिस्तान कार्यकर्ताओं की संख्या और उनके नेटवर्क के विशिष्ट स्थान का पता लगाने पर काम कर रही हैं। पुख्ता खुफिया जानकारी है कि आईएसआई अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस की मदद ले रहा है। भारत के खिलाफ सिख युवाओं को भड़काने के लिए एसएफजे के साथ साजिश रची जा रही है। एसएफजे पहले प्रशिक्षण के लिए हाफिज सईद के जमात-उद-दावा से जुड़ा हुआ था।
प्रशिक्षण दिला रही
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी लश्कर-ए-खालसा आतंकी गुट में शामिल लोगों को प्रशिक्षण भी दिलवा रही है। अफगान आतंकियों को भी लश्कर-ए-खालसा में शामिल किया गया है। सूत्रों ने कहा, पिछले काफी वक्त से पंजाब में आईएसआई की के- 2 डेस्क ने कई आतंकी वारदातों को अंजाम दिलवाया है।
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