पटना
बिहार में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के जिन दो पदाधिकारियों की टीम ने सारण के मशरक में जाकर जहरीली शराबकांड मामले की जांच की थी, उसकी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी गई। इसमें कहा गया है कि यूपी से शराब लाकर यहां बेची गई। वहां के एक-दो स्थानों से कुछ तस्कर शराब लेकर आये और मशरक थाना क्षेत्र के कुणाल सिंह समेत कई लोगों को बेचने के लिए दी। कुणाल समेत बेचने वाले चार लोगों की भी मौत हो गयी है। इसके अलावा बहरौल, गोपालबाड़ी, तखत गांवों में सबसे ज्यादा संख्या में लोगों की मौत हुई है। तखत गांव स्थानीय थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर है। इसमें अब तक हुई जांच से प्राप्त तथ्यों का विवरण के अलावा कुछ अनुशंसा भी की गई है। शराबबंदी वाले बिहार में जहरीली शराब पीने से 82 की मौत हो चुकी है।
इस पूरे इलाके में लगातार छापेमारी करने के अलावा स्थानीय माफियाओं को गिरफ्तार करके सख्त कार्रवाई करने जैसी प्रमुख अनुशंसा की गई है। फिलहाल इस रिपोर्ट की विभागीय स्तर पर समीक्षा की जा रही है। थाने से स्प्रिट गायब होने से संबंधित किसी तरह के तथ्य नहीं मिले हैं। रिपोर्ट में निरोधात्मक उपायों को ज्यादा सख्ती से लागू करने की बात कही गई है।
थानेदार समेत 4 सस्पेंड, शराब माफिया धराया
जहरीली शराब से बिहार में मरने वालों की संख्या 83 हो गयी है, इनमें सबसे ज्यादा 75 सारण में हुई। शनिवार को इसुआपुर व दरियापुर में एक-एक लोगों की मौत हो गयी। इस बीच, सारण एसपी संतोष कुमार ने कर्तव्यहीनता के मामले में इसुआपुर के थानेदार संजय राम, चौकीदार हरि राय, दफादार कृष्णा सिंह व मशरक के चौकीदार रामनाथ मांझी को सस्पेंड कर दिया। उधर, एसआईटी ने शराब माफिया अनिल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। चर्चा है कि कुछ राजनेताओं से उसके संबंध हैं। एसआईटी अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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