झारखंड में भी ‘श्रद्धा’ जैसा हत्याकांड: लोहे काटने की मशीन से पति ने रबिता के शव के किए टुकड़े-टुकड़े

देश

साहिबगंज/बोरियो 
दिल्ली में श्रद्धा वालकर हत्याकांड की सनसनीखेज घटना से एक तरफ जहां देशभर के लोग अबतक अचंभित है, तो दूसरी तरफ झारखंड के साहिबगंज में एक ऐसी ही वारदात ने फिर से सबको हैरत में डाल दिया है। साहिबगंज के बाेरियो में 22 वर्ष की महिला की हत्या के बाद पति और उसके घरवालों ने शव के 12 टुकड़े किए और फिर अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। बोरियो थाना क्षेत्र के गोडा पहाड़ की पहाड़िया महिला रबिता पहाड़िन की हत्या के आरोप में बोरियो बेल टोला निवासी मो. मुस्तकीम अंसारी और पत्नी मरियम खातून, पुत्र दिलदार अंसारी और पत्नी गुलेरा, मुस्तकीम के दूसरे पुत्र अमीर अंसारी, महताब अंसारी, पुत्री शारेजा खातून को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।

दिलदार की दूसरी पत्नी थी रबिता
बताया जा रहा है कि 22 वर्षीय रबिता पहाड़िन के साथ मो. मुस्तकीम के पुत्र दिलदार अंसारी का कई साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों ने फिर शादी कर ली। दिलदार पहले से ही शादीशुदा था। इसे लेकर दिलदार के परिजन नाखुश थे। घरवालों की नाराजगी के कारण दिलदार रबिता को बोरियो संथाली के हेमंती मुर्मू के मकान में रखता था। यह मकान उसने दो हजार रुपया प्रतिमाह किराए पर लिया था। मकान मालकिन हेमंती ने बताया कि दिलदार मकान किराया दो हजार रुपये दे चुका था। महज पांच-छह दिन ही युवती उसके मकान में किराए पर रही। इसके बाद दिलदार के स्वजन रबिता पहाड़िन को अपने घर बेल टोला ले गए।
 
पुलिस ने कई अंग बरामद किए
बीते शुक्रवार को दिलदार की मां मरियम खातून ने रबिता को अपने भाई मोईनुल अंसारी के घर बोरियो मांझ टोला पहुंचा दिया, जहां उसकी हत्या कर दी गयी। इसके बाद लोहे काटने वाली मशीन से शव के टुकड़े टुकड़े कर अलग-अलग जगह पर फेंक दिया गया। शनिवार को पुलिस ने एक अंगूली, एक कंधा, एक कूल्हा, एक हाथ, पीठ का निचला हिस्सा, फेफड़ा एवं पेट के अंश बरामद किए। वहीं, दो अंगुली एंव पेट का हिस्सा सुबह में आंगनबाड़ी केंद्र बोरियो संथाली से बरामद किया गया। मानव अंग मिलने पर एसपी के नेतृत्व में दिलदार के सभी संबंधियों के यहां छापामारी की गयी। 
 
रांची से पहुंची सीआइडी की टीम
दिलदार के स्वजनों की निशानदेही पर पुलिस ने दिलदार के मामा मो. मोईनुल अंसारी के घर से हत्या में प्रयुक्त दो धारदार हथियार बरामद किया गया है। मो. मोईनुल अंसारी खुद मौके से फरार हो गया। पुलिस को मिले मानव अंश की पहचान के लिए बोरियो सीएचसी प्रभारी डा. सलखु चंद हांसदा, डा. विनोद कुमार बोरियो थाना पहुंचे।वहीं, रांची से सीआइडी की टीम और डीआईजी सुदर्शन मंडल बोरियो पहुंचे है।

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