नई दिल्ली
कई राज्यों के किसान एक बार फिर राजधानी दिल्ली की तरफ कूच कर रहे हैं। गन्ने की कीमतों में वृद्धि की मांग लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने 25 दिसंबर से राज्यव्यापी आंदोलन करने का फैसला किया है। सोमवार को राजधानी दिल्ली में 'किसान गर्जना' रैली निकाली जाएगी। खास बात यह है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ा भारतीय किसान संघ कई मांगों को लेकर दिल्ली पहुंच रहा है औऱ किसान दिल्ली में विरोध मार्च निकालेंगे। इस रैली को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं औऱ ट्रैफिक को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। रामलीला मैदान के पास लंबे समय तक ट्रैफिक जाम रह सकता है। ट्रेन पकड़ने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले लोगों को भी एहतियात बरतनी होगी।
क्या हैं किसानों की मांगें
किसानों का मुख्य मुद्दा उत्पादों की कीमतों में वृद्धि है। किसानों का कहना है कि फल, सब्जियां, गन्ना, अनाज, दूध आदि चीजों की पर्याप्त कीमत नहीं मिलती है। ऐसे में बढ़ती महंगाई में किसानों का जीवन स्तर नीचे चला गया है। भारतीय किसान यूनियन की तरफ से कहा गया है कि किसान पर्याप्त कीमत ना मिलने की वजह से खुदकुशी कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उत्पाद का मूल्य वृद्धि होना चाहिए। कृषि उपज पर जीएसटी नहीं लगना चाहिए। सरसों के जीएम बीजों पर रोक लगनी चाहिए। किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाई जानी चाहिए। इसके अलावा किसान के ट्रैक्टर को 15 साल वाले नियम से बाहर रखना चाहिए।
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