नारायणपुर
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के बेनूर क्षेत्र के आधा दर्जन गांवाें में सर्व आदिवासी समाज और मतांतरित ग्रामीणों के बीच विवाद गहरा गया है। सर्व आदिवासी समाज के लोगों का आरोप है कि प्रलोभन देकर मतांतरण कराने का काम चल रहा है। आदिवासी समाज में परगना की व्यवस्था है। बेनूर परगना के अंतर्गत बेनूर, भाटपाल, चिंगनार, गोहड़ा, बोरपाल आदि आधा दर्जन गांवों में पिछले कुछ दिनों से मतांतरण को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
रविवार को मतांतरण को लेकर विवाद दोनों समुदायों के बीच नोंकझोंक भी हुई। दोनाें पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर मारपीट का भी आरोप लगाया गया। रात करीब नौ बजे इन गांवाें के मतांतरण करने वाले परिवारों के तीन सौ से अधिक लोग नारायणपुर पहुंचे और कलेक्टरेट के बाहर धरना पर बैठ गए। जिला एवं पुलिस प्रशासन की समझाइश के बाद भी विवाद का कोई समाधान नहीं निकला है। साेमवार को भी ये लोग धरना पर डटे हैं।
आदिवासी समाज का आरोप है कि मतांतरण के लिए सोची-समझी साजिश के तहत एक समुदाय विशेष द्वारा भाेले-भाले गरीब लोगों को प्रलोभन के जाल में फंसाकर अभियान चलाया जा रहा है। मतांतरण आदिवासी संस्कृति को प्रभावित कर रही है। इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने की जरूरत है। उधर, धरना दे रहे मतांतरित लोगों का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई और गांव से बाहर जाने का दबाव डाला जा रहा है। इनका आरोप है कि लगातार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
काेंडागांव के मारंगपुरी में भी तनाव
कोंडागांव जिले के ग्राम मारंगपुरी में भी मतांतरण को लेकर दो समुदायों के बीच लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। यहां गोदाम के नाम पर मतांतरित समुदाय द्वारा चर्च का निर्माण करने से आदिवासी समाज के लोग नाराज हैं। शनिवार शाम को ग्रामीणों की बैठक में मिशनरीज पर प्रलोभन देकर मतांतरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया।
ग्रामीणों ने मतांतरण का विरोध करते हुए मिशनरीज की गतिविधियों को बंद करने की मांग की है। आदिवासी समाज के शोभाराम मरकाम, पूर्व सरपंच वंशीलाल मरकाम का कहना है कि गांव में चर्च का संचालन नहीं करने दिया जाएगा। विदित हो कि क्षेत्र में मतांतरण करने वालों की मौत पर गांव में अंतिम संस्कार को लेकर लगातार विवाद की स्थिति उत्पन्न होती आ रही है।
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