धार
सरदारपुर के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश राधाकिशन मालवीय ने सोमवार को दुष्कर्म के एक प्रकरण में विचारण पूर्ण किया तथा निर्णय घोषित किया। न्यायालय ने दुष्कर्म के आरोपी धर्मेन्द्र पिता छगनलाल मुण्डेल (25),निवासी-भानगढ़,तहसील सरदारपुर को दोष सिद्ध पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया है । प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक वीरेंद्र शर्मा ने की ।
अभियोजन के अनुसार घटना इस प्रकार थी,कि 10.03.2021 को थाना- सरदारपुर में पीड़िता द्वारा इस आशय की मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि वह कम पढ़ी – लिखी होकर घरेलू काम करती है उसकी शादी करीब 8 साल पहले सामाजिक रीति – रिवाज से हुई थी घटना वाले दिन उसके पति खेत पर गये थे उसके बच्चे नीचे खेल रहे थे और वह ऊपर वाले कमरे में झाडू लगा रही थी तभी आरोपी ऊपर वाले कमरे में आया और उसका बांया हाथ पकड़ लिया और पीड़िता से बोला कि वह पीड़िता को पसंद करता है तब पीड़िता ने आरोपी से अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश की लेकिन आरोपी ने पीड़िता का हाथ नहीं छोड़ा । पीड़िता चिल्लाने लगी तब आरोपी ने उसे जमीन पर गिरा कर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और पीड़िता को धमकी दी कि पीड़िता से बोला कि अगर वह उससे बात नहीं करेगी तो वह उसे जान से मार देगा फिर आरोपी वहां से चला गया और उसके बाद पीड़िता अपने माता – पिता के घर आई और सारी बात उन्हें एवं भाई को बताई और पिता , भाई और मामा को साथ लेकर थाने आकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई । पीड़िता की मौखिक सूचना पर से थाना – सरदारपुर में धर्मेन्द्र पिता छगनलाल मुण्डेल कुमावत के विरूद्ध दुष्कर्म संबंधी भादवी की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया ।
न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत होने पर अभियोजन द्वारा आठ साक्षीयों को तथा आरोपी बचाव पक्ष की ओर से तीन साक्षीयों को परीक्षित कराया गया। न्यायालय ने अभियोजन कि साक्ष्य को विश्वसनीय मानते हुए अभियुक्त के विरुद्ध दंडादेश सुनाया है ।न्यायालय द्वारा आरोपी को भादवी की विभिन्न धाराओं में दस वर्ष के सश्रम कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी द्वारा अर्थदंड जमा किए जाने पर पीडीता को सात हजार रु प्रतिकर अदा किए जाने का आदेश भी न्यायालय द्वारा किया गया है।
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