नई दिल्ली
चीन समेत अन्य देशों में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए अब भारत में भी अलर्ट की स्थिति नजर आ रही है। इस बीच प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में आगामी जनवरी माह में होने जा रहे प्रवासी भारतीय सम्मेलन को लेकर कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने कहा कि, इंदौर में एक बार फिर कोरोना वायरस का संक्रमण फैलाने की स्थिति बनने से रोकना जरूरी है। इसके लिए सरकार को बाज आना चाहिए। इंदौर में आयोजित किए जा रहे प्रवासी भारतीय दिवस के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए विदेशों से आने वाले नागरिकों को कार्यक्रम में जाने से पहले 7 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन किया जाए।
इसी के साथ कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा की, चीन और उसके साथ ही यूरोप के कई देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण एक बार फिर बढ़ गया है। इन देशों में इस बार संक्रमण के फैलने की रफ्तार बहुत ज्यादा तेज है। पिछली बार भी भारत में जो संक्रमण फैला था वह विदेशों से आने वाले नागरिकों के कारण फैला था। इस अतीत को ध्यान में रखते हुए हमें इंदौर और मध्यप्रदेश को कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में जाने से बचाने के लिए पुख्ता व्यवस्था करना चाहिए। पहले भी सरकार के द्वारा अंतरराष्ट्रीय उड़ान पर रोक नहीं लगाई जाने के कारण ही देश में कोरोना वायरस का संक्रमण फैला था अब एक बार फिर वैसे ही हालात बनते हुए नजर आ रहे हैं।
कितनी सच्चाई हैं वेंगा की भविष्यवाणियों में, कहीं यह झूठ का कारोबार तो नहीं इसी के साथ संजय शुक्ला ने मांग की है की, सरकार के द्वारा 8 से 10 जनवरी तक आयोजित किए जा रहे प्रवासी भारतीय दिवस के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आ रहे विदेश के नागरिकों को कार्यक्रम में भाग लेने के पहले 7 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन किया जाए। इन सभी नागरिकों की कोरोना के संक्रमण की जांच कराई जाएं। उस जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति दी जाएं। सरकार के द्वारा इस दिशा में गंभीरता के साथ फैसला लिया जाए। यह फैसला जल्दी लिया जाए। क्या जनता की जान से ज्यादा जरूरी है सत्ता ?? इस दौरान कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने कई सवाल भी खड़े किए हैं जिसमें उन्होंने कहा कि, इतिहास साक्षी है कि भाजपा ने कोरोना में जनता की जान से ज्यादा महत्व सत्ता को दिया है। कोरोना में सरकार बनाने के लिए चुनाव कराए गए। मध्यप्रदेश की जनता की सरकार गिराई गई। उस वक्त केंद्र सरकार की एडवाइजरी का कोई मतलब नही था।
आज राहुल गांधी की यात्रा को रोकने के लिए ये सब किया जा रहा है। प्रदेश में मुख्यमंत्री चौहान आने वाले समय में विकास यात्रा करेंगे। सभी मंत्री लोकार्पण व भूमिपूजन करेगे। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी रैलियां करेंगे। विकास यात्रा 1 फरवरी से निकलेगी। क्या करोना गाइड लाइन व स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवायजरी लागू होगी ? शासन के सरकारी रूपयो पर आयोजन होंगे। सरकारी खर्च पर जनता को बसों में भर भर लाया जाएगा। आगामी 12 जनवरी को युवा संवाद होगा। सरकार को सत्ता प्राप्ति के अपने इन आयोजनों पर रोक लगाना चाहिए।
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