भोपाल
राजधानी के बंगरसिया स्थित सीआरपीएफ कैम्प में एक बर्खास्तशुदा सिपाही गुुरुवार को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर लेकर दोबार ड्यूटी ज्वाइंन करने के लिए डीआईजी आफिस पहुंच गया। जहां पर अधिकारियों ने उसकी जालसाजी पकड़ ली। आरोपी ने फर्जी ज्वाइनिंग लेटर पर डीआईजी के फर्जी हस्ताक्षर भी कर रखे थे। सीआरपीएफ ने आरोपी को हिरासत में लेकर मिसरोद थाना पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। मिसरोद थाना के एसआई राजेन्द्र यादव ने बताया कि सीआरपीएफ कैम्प बंगरसिया निवासी रमेशचंद्र गौतम (58) सीआरपीएफ में निरीक्षक के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि मूलत: बिहार निवासी विक्रम सौलंकी सीआरपीएफ का बर्खास्तशुदा आरक्षक है। उसे वर्ष 2019 में ड्यूटी से करीब दो-ढाई साल तक गैरहाजिर रहने पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बर्खास्त किया गया था। इसके बाद उसे अपना पक्ष रखने के लिए एक महीने का समय दिया गया था। लेकिन उसने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपना पक्ष नहीं रखा। इस कारण उसकी बर्खास्तगी जारी रही। गुरुवार को अचानक बर्खास्त आरक्षक विक्रम सौलंकी एक ज्वाइनिंग लेटर लेकर डीआईजी सीआरपीएफ के आफिस पहुंचा और स्टाफ से उक्त लेटर के आधार पर दोबारा ड्यूटी ज्वाइंन कराने का दबाव बनाने लगा। इस पर शक होने पर जब उसके ज्वाइनिंग लेटर की जांच की गई तो पता चला कि ऐसा कोई ज्वाइनिंग लेटर डीआईजी सीआरपीएफ के आफिस से जारी नहीं किया गया है। वहीं उस लेटर पर डीआईजी के फर्जी हस्ताक्षर किये गए हैं। पूरे मामले का खुलासा होने पर सीआरपीएफ ने आरोपी को हिरासत में लिया और मिसरोद पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने सीआरपीएफ निरीक्षक की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
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