अमरपाटन
मध्यप्रदेश शासन जहां बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा की बात करती है वहीं दूसरी तरफ विद्यालयों में पढ़ने वाली बच्चियों को शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ रही है। पूरा मामला सतना जिले के अमरपाटन विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामगढ़ का बताया जा रहा है जहां के एक मात्र शौचालय में गंदगी होने के कारण विद्यालय में पढ़ने वाली हायर सेकेंडरी स्तर की बालिकाओं को शौचालय के लिए व्यवस्था तक नहीं है उन्हें विद्यालय के बाहर जाना पड़ता है।
विद्यालय की छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में पानी की व्यवस्था शून्य है, जिस कारण हमें विद्यालय के बाहर दूसरों के मकान में जाकर पानी पीना पड़ता है। विद्यालय में छात्र संख्या ज्यादा होने के कारण जहां 2 पालियों में विद्यालय को संचालित करने का निर्णय तो ले लिया गया लेकिन राज्य शासन द्वारा विद्यालय मरम्मत के लिए मिलने वाले 3 लाख रुपए को गोलमोल तरीके से खर्च कर दिया गया।
कमरों की पुताई मात्र दिखावे के लिए की गई। तो वही फर्श के नाम पर लीपापोती की गई है।दरवाजे खिड़की पुराने हालातों में ही जी रहे है आखिरकार इतने षड्यंत्र के साथ विद्यालय मरम्मत के नाम पर राशि को खर्च कर दिया गया। यह एक प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। भवन मरम्मत तथा विद्यालय संचालन के बारे में जब प्राचार्य से पूछा गया तो प्राचार्य द्वारा बताया गया कि विद्यालय में पुताई कार्य के साथ-साथ छत की ढलाई और फर्श का निर्माण कराया गया है।
लेकिन विद्यालय भवन में चारों तरफ छपाई नही कराई गई हैं। और उसके ऊपर से ही पुताई कर दी गई। जबकि विद्यालय के पिछले हिस्से पर पुताई की ही नहीं गई। इस तरह से मध्यप्रदेश शासन से मिलने वाली राशि का गबन करना आखिरकार भ्रष्टाचार की फाइल खोलने पर मजबूर कर रहा है। अब देखना यह होगा कि अमरपाटन विकास खंड शिक्षा अधिकारी तथा सतना जिला शिक्षा अधिकारी विद्यालय प्राचार्य तथा विद्यालय मरम्मत करने वाले ठेकेदार के ऊपर क्या कार्यवाही करते हैं या फिर कागजी कार्यवाही कर शासन की राशि का दुरुपयोग होने में सहयोग अदा करेंगे।
इनका कहना
विद्यालय में पुताई और छत का मरम्मत कराया गया है। लेकिन परिसर अंतर्गत बोर में पानी का लेवल नीचे होने के कारण पानी की समस्या है।
रामकौशल दास, प्राचार्य
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