Christmas पर होने वाले धर्मांतरणों को लेकर CM Yogi हुए सख्त, UP सरकार हुई अलर्ट 

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ 
उत्तर प्रदेश शासन की नजर पूरे यूपी में क्रिसमस के मौके पर होने वाले धर्मांतरण को लेकर है। इस मामले में सीएम योगी ने सख्त रुख अपनाया है। योगी ने कहा है कि क्रिसमस पूरे राज्य में सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया जाना चाहिए लेकिन साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी जिले में धर्म परिवर्तन की घटना न हो। कुछ महीने पहले एक राज्यव्यापी अभियान में लाउडस्पीकरों को हटाने के बाद धार्मिक स्थलों पर फिर से लगाने पर चिंता व्यक्त करते हुए सीएम ने अधिकारियों से कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है। 

 योगी ने कहा कि, 'कुछ महीने पहले हमने बातचीत के जरिए धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने की अभूतपूर्व प्रक्रिया पूरी की थी। लोगों ने व्यापक जनहित को प्राथमिकता देते हुए अनायास ही लाउडस्पीकर हटा दिए। इसकी पूरे देश में सराहना हुई थी। हाल के दिनों में जिले के दौरे के दौरान मैंने अनुभव किया है कि कुछ जिलों में फिर से ये लाउडस्पीकर लगाए जा रहे हैं। यह स्वीकार्य नही है। स्थानीय लोगों से तत्काल संपर्क और संवाद से आदर्श स्थिति निर्मित होनी चाहिए। 

 अवैध टैक्सी स्टैंडों और बस स्टैंडों पर लगे रोक उन्होंने कहा कि राज्य के किसी भी जिले में अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड और रिक्शा स्टैंड संचालित नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के स्टैंड का इस्तेमाल असामाजिक गतिविधियों के लिए अवैध रूप से धन उगाहने के लिए किया जाता है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के विभागों के समन्वित प्रयासों से पिछले साढ़े पांच साल के दौरान राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में बड़ी गिरावट आई है। असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करे पुलिस उन्होंने कहा कि लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, उन्होंने कहा कि पुलिस को ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान करनी चाहिए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अवैध शराब निर्माण, खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए ठोस कार्रवाई की जरूरत है. उन्होंने कहा कि छापेमारी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे के आदी पुलिसकर्मियों की पहचान की जानी चाहिए और उनकी सेवाएं समाप्त की जानी चाहिए। सभी जिलों में रैन बसेरों का हो संचालन मुख्यमंत्री ने कहा कि शीत लहर के बीच कंबल जैसी राहत सामग्री का वितरण स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा ही किया जाना चाहिए, सभी जिलों में रैन बसेरों का संचालन किया जाना चाहिए। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि यातायात नियमों को लागू करने के लिए जुर्माना स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि, "हमें जागरूकता पर जोर देना होगा। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों को यातायात नियमों का पालन कराने के लिए विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। बच्चों में शुरू से ही यातायात नियमों का पालन करने की संस्कृति दी जानी चाहिए।
 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry