रायपुर
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने शुक्रवार को शास्त्री चौक स्थित आयोग कार्यालय में आज एक बहुत ही संवेदनशील प्रकरण का निराकरण किया है। आवेदिका ने कल ही आयोग कार्यालय में अपने पति और सास के विरुद्ध शिकायत की थी कि मेरे बच्चे को जन्म के बाद से ही छीनकर अपने पास ले जाकर रख लिए है। इस प्रकरण पर तत्काल आयोग की अध्यक्ष ने एसपी बलौदाबाजार एवं थाना प्रभारी सिटी कोतवाली बलौदाबाजार के माध्यम से आज आयोग कार्यालय में एक आरक्षक के साथ में अनावेदकगण पति, सास-ससुर व नाबालिग बच्चे की उपस्थिति कराई गई। आज आवेदिका को उसके गोद मे एक माह बच्चे को दिलाया गया। आवेदिका ने एक माह के बच्चे को आज पहली बार गोद में लिया और रो पड़ी, आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि बच्चे को मां के दूध से वंचित रखना अक्षम्य अपराध है। इसके साथ ही अनावेदकगणों को समझाइश भी दिया कि बच्चे और उसकी माँ को अपने साथ रखे। आवेदिका की मां को उनके देखरेख के लिए साथ में रहने कहा गया। भविष्य में अनावेदकगणों के द्वारा पुन: ऐसा आपराधिक साजिश करे तो आवेदिका थाने में एफआईआर दर्ज करा सकती है। इस प्रकरण को 6 माह की निगरानी में रखते हुए नस्तीबद्ध किया गया।
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