रायपुर
डॉ. महंत ने कहा, त्याग, बलिदान, मानवता, प्रेम के प्रतीक विश्व विख्यात प्रभु यीशु मसीह के मानने वालों की संख्या विश्व में सबसे अधिक है। क्रिसमस ईसाई समुदाय का सबसे प्रमुख त्योहार है जो हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है। दुनिया के अधिकांश हिस्सों में इसे प्रभु यीशु के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। क्रिसमस ना सिर्फ धार्मिक मायनों में एक महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है, बल्कि इसका एक सांस्कृतिक नजरिया भी है. इस दिन एक दूसरे को उपहार दिए जाते हैं और प्यार व खुशियां बांटी जाती हैं। डॉ. महंत ने भाई-चारे के इस महान पर्व पर क्रिस्चन समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि, वर्तमान कोरोना महामारी की आशंका को ध्यान रखते हुए पर्व को उत्साह पूर्वक मनाये।
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