देशी खेलों का महाकुंभ 12 जनवरी से जबलपुर में, खिलाड़ी दिखाएंगे अपना कौशल

मध्य प्रदेश राज्य

जबलपुर

 देश के कई ऐसे पारम्परिक खेल हैं, जिन्हें खेलकर हमारी कई पीढ़ियां बड़ी हुई हैं, लेकिन आज के बच्चों को उनकी जानकारी तक नहीं है. पिट्ठू, गिल्ली-डंडा, कंचा, चींटी-धप्प, भौंरा, रस्सी कूद ऐसे ही खेल हैं. अब जबलपुर के सांसद राकेश सिंह ने नई पीढ़ी को इन परंपरागत खेलों से अवगत कराने की पहल की है.

खेलों को दिया जा रहा बढ़ावा
खेलों को बढ़ावा देने के मकसद से जबलपुर में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. 12 दिवसीय सांसद खेल महोत्सव 12 जनवरी से शुरू होगा. जबलपुर के सांसद राकेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों को बढ़ावा देने के मकसद को लेकर संसद खेल महोत्सव की पहल की है. खास बात यह है कि सांसद खेल महोत्सव में क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल, मुक्केबाजी जैसे खेलों के साथ-साथ पारंपरिक खेल खो- खो, कबड्डी, पिट्टू, गिल्ली-डंडा, कंचा और रस्सी कूद की खेल प्रतियोगिताएं भी होंगी.

12 दिवसीय इस खेल महोत्सव में चार तरह के आयोजन होंगे. जिसमें सामूहिक प्रदर्शन, प्रतिस्पर्धात्मक खेल, प्रदर्शन खेल और पारम्परिक खेल सम्मिलित होंगे. इसकी शुरुआत 12 जनवरी को व्यापक सूर्य नमस्कार के साथ होगी. 13 जनवरी को परंपरागत खेलों का शुभारंभ होगा.

15 जनवरी से शुरू होगा खेलों का आयोजन
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर व्यापक जन भागीदारी हेतु 15 जनवरी को पतंगबाजी का आयोजन होगा. जिसमें जबलपुर के आम नागरिक भी पतंग उत्सव का आनंद लेंगे. साथ ही इसी दिन मुक्केबाजी का प्रदर्शन मैच होगा. 16 जनवरी को साइकिलिंग का आयोजन किया जाएगा. 17 जनवरी को हॉकी और 18 जनवरी को फुटबॉल का आयोजन किया जाएगा.

19 जनवरी को कुश्ती में संसदीय क्षेत्र का फाइनल मैच होगा. 20 जनवरी को खो-खो का फाइनल मैच और 21 जनवरी को कबड्डी का मैच होगा. 22 जनवरी को क्रिकेट मैच का संसदीय क्षेत्र का फाइनल मैच होगा. 23 जनवरी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के दिन मलखंभ का प्रदर्शन और मैराथन का आयोजन होगा. इसी दिन समापन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा.

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