घाटी में दहशगर्दों को पहुंचाई मदद, पुलिस ने संपत्ति सीज करके लिया ऐक्शन

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  नई दिल्ली 

आतंकियों के खिलाफ जीरो टेरर की नीति के साथ जम्मू और कश्मीर पुलिस ने शनिवार को बड़ा कदम उठाते हुए दहशतगर्दों की मदद करने वाले की संपत्ति कुर्क की। पुलिस ने आतंकियों के सहयोगियों जहांगीर अहमद लोन और उमर शफी लोन के पिता मोहम्मद शफी की संपत्ति कुर्क की। इन पर अवंतीपोरा में आतंकवादियों को आश्रय और रसद सहायता देने का आरोप है। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के निवारक निरोध कानून के तहत आतंकवाद का समर्थन करने वाले 649 लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। डीजीपी के मुताबिक, 2022 में इस तरह से 28 संपत्तियां जब्त की गईं, जिनमें आतंकवादी और आतंकी गतिविधियों को रचा गया था।

इस साल आतंक के खिलाफ खूब हुआ ऐक्शन
उन्होंने कहा कि इस साल लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) के प्रतिबंधित संगठन से जुड़े 56 पाक-आधारित विदेशी आतंकवादियों सहित कुल 186 आतंकवादी मारे गए। डीजीपी के मुताबिक, आतंकियों से पूछताछ का सिलसिला भी चला है उन्होंने कहा, ''159 आतंकवादी, जिन्हें मारा जा सकता था, जिंदा पकड़ लिया गया और उनसे पूछताछ की गई।'' 

जीरो टेरर की दिशा में सुरक्षा बलों के चल रहे प्रयासों पर जोर देते हुए दिलबाग सिंह ने कहा, ''किसी भी रूप में आतंक का समर्थन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। मामले इस साल 557 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जो आतंकवाद का समर्थन करते थे।" उन्होंने कहा, "उनके खिलाफ कार्यवाही और मुकदमे अदालत में आगे बढ़ेंगे।" मॉड्यूल आधारित आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले संगठनों की ओर इशारा करते हुए, जो पाकिस्तान में प्रशिक्षित हैं और लक्षित हत्याओं और ग्रेनेड फेंकने के लिए जिम्मेदार हैं, डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा, "2022 में 146 आतंकवादी मॉड्यूल को खत्म कर दिया गया है।"