स्वास्थ्य विभाग: अब कंज्यूमेबल पर करोड़ों खर्च करने की तैयारी

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल
अस्पतालों के कायाकल्प के नाम पर 300 करोड़ रुपए की सामग्री खरीदी के मामले में विवादों में आए स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने अब पूर्व में की गई खरीदी की सामग्री के लिए  कन्ज्यूमेबल्स को लेकर अलग से खर्च का तरीका निकाला है। इसके लिए सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन और सिविल अस्पताल अधीक्षकों से कायाकल्प अभियान में चिन्हित उपकरणों के उपयोग में आने वाले कन्ज्यूमेबल्स की खरीदी करने को कहा गया है।
 
स्वास्थ्य संचालनालय ने इसको लेकर एमपी औषधि साफ्टवेयर के माध्यम से खरीदी करने को कहा है। इसके लिए संचालनालय के वित्त संचालक और प्रशासन विभाग की ओर से सभी को वर्चुअल बजट भी आवंटित कर दिया गया है। इस खरीदी के मामले में भी संचानालय ने जिलों और स्वास्थ्य केंद्रों के अफसरों को स्थानीय स्तर पर औषधि खरीदने के बजाय औषधि साफ्टवेयर पर आर्डर करने के लिए कहा है। जिलों में स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों में गद्दा, तकिये, कंबल, बेडशीट के साथ इसके कवर खरीदी में हुई अनियमितता पहले ही सामने आ चुकी है जिसमें कहीं पिलो कवर भेजे गए तो पिलो नहीं भेजे गए हैं और कहीं कंबल कवर भेज दिए गए हैं तो कंबल नहीं पहुंचे हैं।

इसमें खर्च होगी राशि
विभागीय सूत्रों ने बताया कि इसके लिए 153 एबीजी मशीन, 165 डिसइन्फेक्टेंट जनरेशन सिस्टम, 228 हाईफ्लो नेजल कैन्यूल सिस्टम, 86 स्टीम डिसइन्फेक्टेंट सिस्टम फॉर डिकांटामिनेशन आॅन आॅफ सरफेस की खरीदी इन अस्पतालों में की जाएगी। इसके लिए अस्पतालों को जिला वार राशि वर्चुअल बजट के रूप में मिली है। इस मामले में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं के अपर संचालक डॉ प्रमोद पाठक ने कहा है कि कायाकल्प अभियान में जो सामग्री भेजी गई है, उसके माइनर रिपेयर के लिए सीधे राशि भेज रहे हैं। पैसा सीधे संस्थाओं को दिया गया है ताकि वे स्थानीय स्तर पर बनी समिति के माध्यम से जांच के बाद भुगतान कर सकें।

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