नई दिल्ली
राजस्थान में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के हफ्तों बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने खुलासा किया कि वह देश की सबसे पुरानी पार्टी के 'भारत जोड़ो यात्रा' मार्च में क्यों शामिल हुए? राजन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर दो पन्नों का एक दस्तावेज पोस्ट किया। उन्होंने बताया नफरत को खत्म करने और प्यार, समानता और न्याय के लिए वह भारत जोड़ो यात्रा से जुड़े थे। बता दें कि राजन मोदी सरकार द्वारा लाई गई नोटबंदी की भी आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने सरकार के इस फैसले को गैरजरूरी करार दिया था। गौर करने वाली बात यह है कि जिस दिन सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया, उसी दिन राजन ने हफ्तों पहले भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने की वजह भी बताई।
भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के पीछे का कारण बताते हुए आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कहा, "प्यार, नफरत नहीं, समानता और न्याय, भाई-भतीजावाद और उत्पीड़न नहीं, विविधता में एकता, विभाजन नहीं, एक जीवंत तर्कपूर्ण लोकतंत्र, असहिष्णु पुलिस राज्य नहीं, एक सहकारी दुनिया, युद्ध में दुनिया नहीं: ये सभी के लिए संघर्ष करना जरूरी है। जब तक हर कोई अपना थोड़ा सा नहीं करता, उसे नहीं मिलेगा। हालांकि, आने वाले वर्षों में इनमें से प्रत्येक को जोखिम होने वाला है। राजन ने कहा कि उन्होंने "एक पूर्व लोक सेवक या एक अर्थशास्त्री के रूप में नहीं बल्कि एक आम नागरिक के रूप में भारत जोड़ो यात्रा में हिस्सा लिया था।" उन्होंने आगे कहा, "मैं उन प्रतिबद्ध नागरिकों को अपना समर्थन देने के लिए कुछ मील पैदल चला, जो समय के साथ भारतीयता का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने के लिए भारत को आगे बढ़ा रहे हैं।"
मोदी सरकार की आर्थिक नीति से नाखुश राजन
रघुराम राजन ने अक्सर मोदी सरकार की आर्थिक और सामाजिक नीतियों पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि भारत का भविष्य उदार लोकतंत्र और इसकी संस्थाओं को मजबूत करने में निहित है क्योंकि यह आर्थिक विकास हासिल करने के लिए आवश्यक है। आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने इसी बिंदु को दोहराया और कहा कि "अच्छा" करने और वैश्विक विकास में योगदानकर्ता बनने की भारत की क्षमता को "बहुसंख्यक लोकलुभावनवादी जो अविश्वास और विभाजनकारीता बोते हैं" द्वारा कम करके आंका जा रहा है।
नोटबंदी के आलोचक राजन
राजन नोचबंदी जैसे फैसलों के मुखर आलोचक भी हैं और उन्होंने इसके लिए मोदी सरकार के "आर्थिक मंदी के लिए राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे" को जिम्मेदार ठहराया है। यहां यह गौर करने वाली बात है कि भारत जोड़ो यात्रा के हफ्तों बाद राजन की सोशल मीडिया पोस्ट भी इसी दिन आई जब सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोटबंदी का फैसला गलत नहीं था और सरकार ने नियम के विरुद्ध कोई फैसला नहीं लिया।
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