रायपुर
भिलाई सेक्टर 6 के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में बुधवार से तीन दिवसीय एस्ट्रो शाला की शुरूआत हुई, जिसमें सेजेस के विद्यार्थियों ने 110 गुना जूमिंग कैपेसिटी वाले रिफ्लेक्टिव टेलीस्कोप से चंद्रमा और जुपिटर ग्रह को देखा। स्टार गेजिंग में आकाशगंगा से लेकर खगोलीय घटनाओं के प्रत्यक्षदर्शी बने सेजेस के विद्यार्थी। सेजेस के बच्चों के लिए ये अनुभव किसी सपने के पूर्ण होने जैसा था।
दुर्ग जिले में सेक्टर 6 में स्थित आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल पहला स्कूल बन गया है, जहां एस्ट्रोनॉमी लैब से बच्चे इस दुनिया के परे दूसरी दुनिया से परिचित हो पाएंगे। इसी की शुरूआत आज स्टार गैजिंग इवेंट को लेकर हुई। जिसमें विद्यार्थियों ने 50 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक के ट्यूबलरनुमा रिफ्लेक्टिंग टेलीस्कोप से खगोलीय विज्ञान को समझने की कोशिश की। बच्चों ने इस टेलीस्कोप से आज चंद्रमा और जुपिटर ग्रह को अपनी आंखों के ठीक सामने पाया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ अमेचर एस्ट्रोनॉमी क्लब के कोआॅर्डिनेटर श्री राजेश लोहिया ने स्कूली विद्यार्थियों को अंतरिक्ष में होने वाली खगोलीय घटक और उनकी घटनाओं के विषय में जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने बच्चों को समझाया कि ब्रह्मांड में ग्रह पृथ्वी में हम दोनों के दोनों आॅर्बिट में है इसलिए दोनों की पोजीशन में निरंतर बदलाव होता रहता है। पृथ्वी अपने ही स्थान में घूर्णन भी कर रही है और सूर्य की परिक्रमा भी कर रही है। उन्होंने उपस्थित बच्चों को पुराने समय के लोग सुबह के समय सूर्य को और रात के समय ध्रुव तारे को किस प्रकार दिशा सूचक के रूप में प्रयोग करते थे इनकी जानकारी भी दी।
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