रायपुर
प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए बनाए गए सीवरेट ट्रीटमेंट प्लांट के कारण उद्योगों से निकलने वाला दूषित जल नदियों में प्रवाहित नहीं किया जा रहा है। राखड़ के समुचित निष्पादन में विफलता के कारण 19 ताप संयंत्रों व 94 विद्युत संयंत्रों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया ने छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार सदन में बताया कि 30 नवंबर 2022 की स्थिति में किसी भी नगरीय निकाय के अंतर्गत आने वाले उद्योगों द्वारा दूषित जल को नदी में प्रवाहित नहीं किया जा रहा है। वर्ष 2022 में 19 ताप विद्युत संयंत्रों व 94 विद्युत संयंत्र को राखड़ के समुचित निष्पादन में विफलता पाए जाने के कारण कारण बताओ नोटिस दिया गया है। राज्य में स्थापित ताप विद्युत संयंत्रों में से 24 बड़े ताप विद्युत संयंत्रों में राखड़ बांध की व्यवस्था की गई है एवं 89 छोटे ताप विद्युत संयंत्रों में राखड़ बांध स्थापित नहीं है। इन 89 संयंत्रों से उत्पन्न संपूर्ण राखड़ का लाभकारी कार्यों जैसे ईंट, सीमेंट, सड़क निर्माण तथा निचले क्षेत्रों के भू-भरण, निष्क्रिय खदानों में भू-भरण के लिए पूर्ण उपयोग किए जाने के कारण राखड़ बांध की आवश्यकता नहीं है।
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