भोपाल
महाराष्ट्र के राज्यपाल ने मध्यप्रदेश के अफसरों से कहा है कि महाराष्ट्र में अपराध कर एमपी के सीमावर्ती जिलों में प्रवेश करने वाले बदमाशों की धरपकड़ में दोनों राज्यों की पुलिस में समन्वय होना जरूरी है। खंडवा, बैतूल, बुरहानपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा व बालाघाट जिले के अफसरों से उन्होंने कहा है कि एमपी के अफसर महाराष्ट्र पुलिस के सूचना पर शीघ्र एक्शन लेकर बदमाशों की धरपकड़ में मदद करें। इसके साथ ही महाराष्ट्र के कुछ जिलों से एमपी में आवागमन पुलों के बंद होने से बाधित है, इसलिए इन मार्गों पर आवागमन चालू कराना होगा। प्रदेश के सीमाई जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक का यह सिलसिला महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के राज्यपाल ने शुरू किया है। प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद महाराष्ट्र के अमरावती में हुई इस पहली बैठक में महाराष्ट्र सरकार की सूचना के बाद प्रमुख राजस्व आयुक्त के निर्देश पर महाराष्ट्र की सीमा से सटे एमपी के जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों ने पिछले सप्ताह बैठक में हिस्सा लिया। दो चरणों में होने वाली संयुक्त बैठक के पहले चरण की बैठक में खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को शामिल हुए। इसमें इन जिलों के अफसरों को महाराष्ट्र की सीमावर्ती जिलों के अफसरों ने अपनी-अपनी परेशानियां बताईं और उसके निराकरण के लिए कहा। दोनों ही राज्यों के राज्यपालों ने इस बैठक में सीमावर्ती मसलों के निराकरण के लिए पत्राचार और बैठकें करने के लिए कहा। बैठक में बालाघाट जिले में टूटे पुल के कारण दोनों राज्यों के आवागमन प्रभावित होने, स्थायी वारंटियों के एक दूसरे के राज्यों में अपराध के बाद पनाह लेने के मामले में कार्यवाही करने समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
अब छग, गुजरात, राजस्थान, यूपी के राज्यपालों के साथ बैठक
महाराष्ट्र के राज्यपाल के साथ एमपी के राज्यपाल और सीमावर्ती जिलों के अफसरों की बैठक के बाद अब एमपी की सीमा से सटे अन्य राज्यों गुजरात, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तरप्रदेश के राज्यपालों के साथ इसी माह बैठक संभावित है। इन बैठकों में भी सीमावर्ती जिलों के मसलों पर चर्चा के बाद राज्यपाल उसके निराकरण के लिए अपनी सरकारों को निर्देश देंगे।
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