कहा केंद्र सरकार राज्य सरकार ने गरीबों से गेहूं भी छीन लिया
जबलपुर
आपको बता दें मंडला जिले के जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मेहरासिवनी में कार्यक्रम आयोजित दौरान राहुल गांधी विचार मंच जिला अध्यक्ष चांद खान ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए गरीब परिवारों को मिलने वाला सस्ता गेहूं सरकार द्वारा बंद कर दिए जाने से गरीब मजदूरों को बाजार से महंगा गेहूं खरीदना पड़ रहा है। जिससे गरीब मजदूरों की बढ़ती महंगाई में आर्थिक मुश्किलें बढ़ रहे हैं राशन दुकानो से गेहूं देना बंद करना गरीबों पर केंद्र सरकार व राज्य सरकार का बड़ा हमला है।
सरकार का यह निर्णय गरीबों का सस्ते राशन का अधिकार छिनने जैसा है पहले सरकार ने राशन दुकान से मिलने वाला शक्कर मिट्टी तेल बंद किया अब गेहूं बंद कर दिया जो गलत है। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग उचित मूल्य राशन दुकान से मिलने वाले सस्ते राशन से काफी राहत मिलती थी, उन्हें गेहूं बाजार से नहीं खरीदना पड़ता था गेहूं देना बंद करने से गरीब मजदूरों को बाजार के हवाले कर दिया है जहां राशन की दुकान आए दिन उतार-चढ़ाव रहता है। गरीब मजदूर वर्ग का को बाजार के हवाले करना मतलब भुखमरी में धकेल रहे। गरीब जरूरतमंद लोगों को कांग्रेस सरकार के समय 10 किलो गेहूं प्रति व्यक्ति दिया जाता था जो अब काम करके 5 किलो किया है।
अब वह भी बंद कर दिया जिससे कोई व्यक्ति उचित नहीं ठहरा सकता है राहुल गांधी विचार मंच की मांग है सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर निर्भर गरीब परिवारो भोजन का अधिकार कानून के तहत सस्ता राशन पूर्व की तरह शक्कर मिट्टी तेल चावल गेहूं उपलब्ध कराया जाए।
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