कलियासोत और केरवा के आसपास नए बाघ की एंट्री, वन विभाग भी अलर्ट

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

 जंगलों में पिकनिक मनाने के लिए बेकरार लोगों के लिये यह अच्छी खबर नहीं है। इस समय कलियासोत और केरवा के आसपास नए बाघ की एंट्री  हुई है और इसका मूवमेंट एरिया वाल्मी तक बताया जा रहा है। इस कारण वाल्मी के आसपास के एरिया में वन विभाग का अलर्ट जारी कर दिया गयाहै। हैरत की बात तो यह है कि वन विभाग के एक्सपर्ट खुद यह मान रहे हैं कि यह बाघ न तो टी-3 और न ही टी-5। इस नए बाघ के मूवमेंट के पगमार्क अब तक मूव कर रहे बाघों से मैच भी नहीं हो रहे हैं। इस नए बाघ के कारण बाघिन 123 के नर बाघ को यह इलाका छोड़ना पड़ा है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वह संक्रांति के अवसर पर जंगलों में जाने से परहेज करें।

वाल्मी के पास ट्रैप कैमरे में हुआ कैप्चर
नए बाघ का  मूवमेंट अब समरधा में होना बताया गया है। पिछले साल अक्टूबर में भी एक नए बाघ का मूवमेंट होने पर उसे मैनिट से पकड़कर सतपुड़ा नेशनल पार्क में छोड़ा गया था। भोपाल वन मंडल के अधिकारियों का कहना है कि यहां मूवमेंट कर रहे इस नए बाघ की पहचान की जाएगी। उसके स्पष्ट पगमार्क प्राप्त करने के लिए 5 जगह इंप्रेशन पेड़ बिछाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस बाघ ने अभी कोई शिकार नहीं किया है। वह वाल्मी के पास ट्रैप कैमरे में कैप्चर हुआ है।

वन विहार से एक किमी दायरे में निर्माण प्रतिबंधित
 वन विहार राष्टÑीय उद्यान से एक किमी दायरे में कोई निर्माण कर रहा है या फिर अनुमति मिली है तो वो अब रद्द होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब वन विहार प्रबंधन ने टीएंडसीपी, राजस्व विभाग और निगम आयुक्त को पत्र लिखकर आदेश के तहत एक किमी दायरे में कोई निर्माण अनुमति जारी नहीं करने और पहले की जारी अनुमतियों को रद्द करने के लिए कहा गया है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry