भोपाल
लोकायुक्त पुलिस ने को कंसलटेंट गोपी कृष्ण मिश्र और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मेनिट) के प्रोफेसर आलोक मित्तल को रिश्वत के डेढ़ लाख रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। उन्होंने वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की एक्सपर्ट कमेटी की एनओसी जारी करने के बदले घूस मांगी गई थी। नवंबर 2021 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्कॉपस मैगजीन में टॉप-2% सबसे प्रभावशाली वैज्ञानिकों की सूची में डॉ. आलोक मित्तल को लगातार पांचवें साल स्थान दिया था। उनकी रिसर्च पानी से रंगों को आसानी से अलग करना ने उन्हें यह मुकाम मिलाता था। इंडिया में उनकी रैंक 54 है, जबकि वर्ल्ड रैंकिंग 9112 है। दुनियाभर के वैज्ञानिकों की सूची में भारत के तीन हजार 352 वैज्ञानिक शामिल हैं। इसमें मेनिट के 13 प्रोफेसर और शामिल हैं। उनकी गिरफ्तार से मेनिट परिसर में रहने वाले अधिकारी व कर्मचारी चौंक जरूर गए हैं। यहां तक उनके विद्यार्थियों में हड़कंप की स्थिति जरूर बनी हुई है।
क्या है प्रकरण
बावड़िया कला निवासी प्रमिला रिछारिया ने शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने कहा कि शिवपुरी में उनका मेडिकल वेस्ट का प्लांट निर्माण प्रस्तावित है। प्लाट निर्माण के लिए एनओसी जरूरी होती है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में स्टेट एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी में रसायन विषय के विशेषज्ञ डॉक्टर आलोक मित्तल हैं और वे मेनिट में प्रोफेसर है। शिकायतकर्ता ने बताया कि मित्तल ने कंसलटेंट गोपी कृष्ण मिश्रा के माध्यम से सात लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। मित्तल ने डेढ़ लाख रुपये की मांग की। इसके चलते लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी कंसलटेंट गोपी कृष्ण मिश्र और मैनिट प्रो. आलोक मित्तल को रिश्वत के डेढ़ लाख रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ लिया था।
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