नई दिल्ली
शादी का सीजन आते ही चारों ओर धूम-धड़ाका शुरू हो जाता है। शौक से या फिर मजबूरी में लोगों को शादी के कार्यक्रमों में शरीक भी होना पड़ता है। यहीं से शुरू हो जाती है 'सिंगल शेमिंग।' यानी अगर कोई सिंगल है और थोड़ी उम्र ज्यादा हो गई तो उसको लेकर लोग तरह-तरह की बातें करने लगते हैं। या फिर सिंगल लड़के या लड़की को देखकर अपने-अपने हिसाब से रिश्ते बताने लगते हैं। हालांकि एक स्टडी में सामने आया है कि भारत की 81 फीसदी महिलाएं शादी करने से ज्यादा अकेले रहना पसंद करती हैं। उन्हें सिंगल लाइफ जीना आसान लगता है।
बंबल ऐप की एक स्टडी में सामने आया कि 5 में से दो लोगो को उनके परिवार पारंपरिक तरीके से शादी करने के लिए कहते हैं। यानी यह संख्या 39 फीसदी है। जब शादी की बात आती है तो 39 फीसदी लोग कहते हैं कि उनपर परिवार का दबाव है। शादी के सीजन के दौरान जब सर्वे किया गया तो एक तिहाई यानी 33 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें मजबूरी में लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप में जाना पड़ा।
वहीं बहुत सारे लोग सिंगल शेमिंग से परेशान हैं। उन्हें लगता है कि आखिर उनके सिंगल रहने के लिए फालतू की सवाल जवाब क्यों किए जाते हैं। दरअसल हमारे समाज में माना जाता है कि हमेशा सिंगल नहीं रहा जा सकता। ऐसे में पॉप कल्चर और पारंपरिक सोच के खिलाफ खींचतान चलती ही रहती है। बंबल ऐप के अध्ययन के मुताबिक अब सिंगल रहने का चलन बढ़ गया है। खास तौर पर महिलाओं का झुकाव इस ओर हो रहा है और वे अपना तरीका खुद अपनाना चाहती हैं।
डेटिंग ऐप की स्टडी के मुताबिक 81 फीसदी महिलाएं अविवाहित रहना चाहती हैं। डेटिंग करने वाले लोगों ने भी कहा कि वे इसे बहुत अहमितय नहीं देना चाहते। सर्वे के मुताबिक 83 फीसदी महिलाओं ने कहा कि वे तब तक इंतजार करेंगी जब तक सही व्यक्ति नहीं मिल जाता है। बंबल की कम्युनिकेशन डायरेक्टर शमर्पिता समाद्दार ने कहा, सिंगल शेमिंग की वजह से भी कई महिलाएं शादियों में नहीं जाना चाहती हैं। किसी करीबी की शादी में जाती भी हैं तो उन्हें एनजाइटी हो जाती है।
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