जूडो खिलाड़ी कपिल परमार के मिस्र जाने की राह कलेक्टर ने बनाई आसान, ऐसे की मदद

मध्य प्रदेश राज्य

सीहोर
 सीहोर के अंतर्राष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी कपिल परमार के लिए सीहोर जिला प्रशासन फरिश्ता बन गया. प्रतिभा के धनी इस खिलाड़ी की जेब खाली थी. ऐसे समय में कलेक्टर ने हाथ बढ़ाए और देखते ही देखते कपिल का रास्ता बन गया. अब वो वर्ल्ड चैंपियनशिप में शामिल हो सकेगा.

जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने दुनिया में देश का मान बढ़ाया है. सीहोर के बेहद गरीब परिवार में पैदा हुए कपिल परमार अंतरराष्ट्रीय जूडो में विश्व में 7वीं रैंकिंग पर चल रहे हैं. साल 2019 में इंग्लैंड में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद कपिल ने लगातार अपने खेल का अद्भुत प्रदर्शन किया है. अपने जुनून की दम पर वह जूडो खिलाड़ियों में चर्चा में आ गए. कपिल के पिता टैक्सी चलाते हैं. उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वे कपिल के खेल में सहयोग कर सकें. ऐसे में कपिल ने खुद चाय की दुकान शुरू कर डाइट की जुगत कर ली.

कलेक्टर ने बनायी राह
अब कपिल वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप में शामिल होना चाहते हैं. लेकिन उनकी जेब मदद नहीं कर पा रही थी. उन्हें ढाई लाख रुपये की जरूरत थी. ऐसे कठिन हालात में सीहोर कलेक्टर प्रवीण सिंह आगे आए. उन्होंने खिलाड़ी को प्रोत्साहित करते हुए सिर्फ 10 मिनट में दो लाख की राशि इकट्ठी कर दी. इससे कपिल के मिस्र जाने की राह आसान हो गई.

सातवीं रैंकिंग पर हैं कपिल
जूडो के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी कपिल ने सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में साल 2018 से 2022 तक लगातार गोल्ड मेडल जीता है. इसके अलावा कजाकिस्तान में ग्रैंड नूरसुल्तान वर्ल्ड चैंपियनशिप और जापान के टोक्यो में इंटरनेशनल ओपन चैंपियनशिप में भी गोल्ड हासिल कर वर्ल्ड में सातवीं पोजिशन बनाई है. अब कपिल मिस्र में होने वाले जूडो चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए चुने गए हैं. उनके पास मैच फीस के लिए  पैसे नहीं थे. ऐसे में उन्होंने कलेक्टर प्रवीण सिंह से मदद की गुहार लगाई.

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