पटना
आरजेडी नेताओं की बयानबाजी की वजह से महागठबंधन में टेंशन पैदा हो गई है। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के रामचरितमानस पर की गई टिप्पणी के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने एक साथ इसकी निंदा की है। इनका कहना है कि महागठबंधन में किसी तरह का विवाद नहीं है, किसी व्यक्ति के बयान से गठबंधन पर असर नहीं पड़ता है। भाकपा माले ने भी विवादित बयानबाजी पर अंकुश लगाने के लिए गठबंधन में कोऑर्डिनेशन कमिटी की मांग कर दी है। इसके बावजूद 'बयानवीर' नहीं थम रहे हैं।
महागठबंधन के तीन बड़े दलों ने मंगलवार को साफ कर दिया कि बयानवीरों के अनर्गल बयान से महागठबंधन की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा है। सरकार अपना काम कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने अनर्गल बयानबाजी की अपने-अपने अंदाज में निंदा की। दीपंकर ने इस तरह के बयान पर रोक लगाने की मांग के साथ ही कहा कि गठबंधन में सभी मुद्दों पर विचार के लिए महागठबंधन के दलों की एक समन्वय समिति बननी चाहिए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को अरवल और जहानाबाद की समाधान यात्रा पर थे। इस दौरान मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर को बयान वापस लेने के लिए कहा था। किसी भी धर्म पर बयान देना उचित नहीं है। आरजेडी के संदर्भ में उपेंद्र कुशवाहा के बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है। पार्टी की जिम्मेदारी ललन सिंह के पास है। उपेंद्र कुशवाहा मिलेंगे तो वे उनसे इस बाबत पूछेंगे। यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति विशेष के बयान से महागठबंधन पर कोई असर नहीं हुआ है। हम साथ काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
वहीं, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि हमसब लोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम कर रहे हैं। बयानवीरों के बयान से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। वह मंगलवार को एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में ये बातें कहीं।
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