पटना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ बोलने वाले पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह को आरजेडी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. मगर रामचरितमानस पर विवादित टिप्पणी करने वाले आरजेडी कोटे से शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर पर पार्टी ने चुप्पी साधे रखी है। उनके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रामचरितमानस विवाद को लेकर आरजेडी और जेडीयू में तनाव चल रहा है। हालांकि, सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव महागठबंधन में दरार की बात से इनकार कर रहे हैं।
आरजेडी के प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दिकी ने सुधाकर सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर नीतीश कुमार के खिलाफ टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। सुधाकर से 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। सुधाकर सिंह लगातार सीएम नीतीश पर हमला बोल रहे थे। पिछले दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री को शिखंडी कह दिया था, जिसके बाद से जेडीयू नेता उनपर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
शिक्षा मंत्री पर कार्रवाई नहीं
दूसरी ओर, रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला और समाज को बांटने वाला ग्रंथ बताने वाले शिक्षा मंत्री पर पार्टी ने फिलहाल चुप्पी साधे रखी है। डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव सिर्फ यह कह रहे हैं कि बयानवीरों से पार्टी और गठबंधन को कोई फर्क नहीं पड़ता है। जनता लालू यादव और नीतीश कुमार के साथ है। उन्होंने इसे मुद्दा मानने से इनकार कर दिया और कहा कि मंत्री पर कार्रवाई की बात फालतू है।
वहीं, आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने भी चंद्रशेखर के बयान का समर्थन किया। जगदानंद ने पिछले दिनों कहा कि रामचरितमानस में कुछ अच्छी बाते हैं तो कुछ कचरा भी है। वह कूड़ा साफ करेंगे और अच्छी बातें ही उसमें रहेंगी।
आरजेडी की सहयोगी जेडीयू ने शिक्षा मंत्री के रामचरितमानस वाले बयान से पल्ला झाड़ लिया है। खुद सीएम नीतीश कुमार ने मंत्री चंद्रशेखर को माफी मांगने के लिए कहा। मगर वे अपने बयान पर अडिग हैं। जेडीयू के अन्य नेता भी चंद्रशेखर की विवादित टिप्पणी का विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर दोनों पार्टियों के बीच तकरार भी पैदा हो गई है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

