प्रयागराज
माफिया मुख्तार अंसारी ने सरकारी जमीन पर गोदाम बनवाकर एफसीआई से 15 करोड़ रुपये किराया तो वसूला ही सब्सिडी पर लोन लेकर नाबार्ड को करोड़ों की चपत भी लगाई है। इसका खुलासा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी चार्जशीट में किया है। मुख्तार अंसारी के खिलाफ दर्ज मनी लांड्रिंग के मुकदमे की जांच कर रही ईडी की टीम आरोपों से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। ईडी ने मुख्तार की पत्नी को भी वांछित किया है।
ईडी ने अभी तक मुख्तार अंसारी की कंपनी विकास कंस्ट्रक्शन, बेटे विधायक अब्बास अंसारी और साले आतिफ रजा के खिलाफ ही आरोप पत्र दाखिल किया है। मुख्तार और उसकी पत्नी आफ्शां अंसारी के खिलाफ विवेचना चल रही है। अब तक जो जांच पूरी हुई है, उसमें 15 करोड़ों रुपये अवैध तरीके से कमाने के अलावा भी कई आरोप लगे हैं।
मुख्तार अंसारी पर यह भी आरोप है कि उसने किसानों के लिए गोदाम बनवाने के नाम पर नाबार्ड से पहली बार में 67 लाख, दूसरी बार में 67 लाख और तीसरी बार में 90 लाख रुपये लोन लिया था। इस तरह से करोड़ों रुपये लोन लेकर हड़प गया। यह भी स्पष्ट हो चुका है कि रविंद्र नारायण और मसूद खान समेत अन्य लोगों ने मिलकर विकास कंस्ट्रक्शन का निर्माण किया था लेकिन इस कंपनी में मुख्तार की इंट्री होते ही सभी सदस्य पैदल हो गए। उनके करोड़ों की जमा पूंजी भी मुख्तार के साले ने हड़प ली।
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